Rajim Kumbh 2008 Invitation राजिम कुंभ 2008 आमंत्रण

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Rajim kumbh mela is now called Pancham Kumbh of India

नदियों से निकल कर आने वाले आस्था के अख्यानों को पूरी दुनिया सुनती है। सन २००५ में छ्त्तीसगढ़ शासन के मुखिया ड़ाँ. रमन सिंह व संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने परंपरागत राजिम मेले को संत समागम के रास्ते राजिम कुंभ का रुप देने का प्रयास किया। तब यह अनुमान भी नहीं रहा होगा कि विराट की पतली,डगमगाती सी यह धार अपने भीतर महानदी के पाट की चौड़ाई छिपाये बैठा है।आरंभ में नदियों के स्त्रोत बहुत छोटे होते हैं।जिनकी अवाज ठीक से सुनाई नहीं पड़ती। यही स्त्रोत महानदीयों में तब्दील हो जाते हैं।अखाड़ों की उपस्थिति, शंकराचार्यों का प्रत्यक्ष आशिर्वाद और उमड़ता जन सैलाब इसकी लोकव्याप्ति का परिचायक है।

राजिम में तीन नदियों महानदी, सोंढूर, और पैरी के साझा तट के विशाल पाट में नये आस्वाद की संगत में आने, रहने, बसने का न्योता देता यह आयोजन प्रति वर्ष होने वाला कुंभ कहलाने लगा।

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