गणतंत्र दिवस परेड - 2008 : विहंगम दृष्टि

उदीयमान और शक्तिशाली भारत 26 जनवरी 2008 को अपना गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस वर्ष की परेड में विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र की उपलब्धियों, सैन्य शक्ति, हमारी वायु सेना की शक्ति और हमारी सांस्कृतिक विरासत के अनेकानेक पहलुओं को रेखांकित किया जाएगा।

सैन्य बल भीष्म टी-90 टैंक, ब्रिजलेयर टी-72 टैंक, 155एमएम45एमएम सोल्तम तोपें, स्मर्च मल्टीपल लांच राकेट सिस्टम, ब्रह्मोस क्ष्पेयास्त्र, टुंगुस्क एयर डिफेंस वेपन सिस्टम, सर्वत्र ब्रिज, इंफेंट्री व्हेकिल बीएमपी-2 और कैरियर मोर्टार व्हेकिल को प्रस्तुत करेगा।

परेड समारोह इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति से आरंभ होगा जहां प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह शहीद सैनिकों को राष्ट्र की तरफ से पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। अमर जवान ज्योति की नित्य प्रज्ज्वलित ज्योति सैन्य बलों के अदम्य साहस की स्मृति का प्रतीक है जिन्होंने मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। भारत के अमर जवानों के प्रतीकस्वरूप यहां उल्टी राइफल पर टोप रखा है।

परंपरानुसार, राष्ट्रध्वज के फहराए जाने के बाद, राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल, जाट रेजीमेंट34 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर दिनेश रघु रमन; 2 पैराशूट रेजीमेंट के कैप्टन हरशन; 8 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इंफेंट्री के नायब सूबेदार चुन्नीलाल और 9 मराठा लाइट इंफेंट्री के कर्नल वसंत वेणुगोपाल को मरणोपरांत अशोक चक्र प्रदान करेंगी।

इसके बाद परेड आरंभ होगी और राष्ट्रपति सलामी लेंगी। इस वर्ष समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति श्री निकलस सारकोजी हैं।

परेड की कमान दिल्ली एरिया के जनरल आफीसर कमांडिंग, मेजर जनरल केजेएस ओबेराय संभालेंगे। ब्रिगेडियर हरविंदर पाल सिंह ढिल्लन परेड सेकेंड-इन-कमांड होंगे। परेड में भाग लेने वाले सैन्य दलों में पंजाब रेजीमेंट, ग्रेनेडियर्स रेजीमेंट, राजपूताना राइफल्स रेजीमेंट, सिख लाइट इंफेंट्री रेजीमेंट, असम रेजीमेंट, महार रेजीमेंट, 8 गोरखा राइफल्स और टेरीटोरियल आर्मी (126 व 127 इंफेंट्री बटालियन) शामिल हैं। जल सेना के 144 सदस्यीय दल का नेतृत्व लेपिऊटनेंट कमांडर रवि कांत पाण्डेय और 148 सदस्यीय वायु सेना दल का नेतृत्व स्कॉवड्रन लीडर अशोक शर्मा करेंगे।

अर्धसैनिक और अन्य सहायक नागरिक बलों में सीमा सुरक्षा बल, असम राइफल्स, तटरक्षक बल, केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस, नेशनल कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना परेड में हिस्सा लेंगे। सीमा सुरक्षा बल के ऊंट सवार बैंड और दल भी परेड में सम्मिलित होंगे।

26 राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों द्वारा देश के विभिन्न ऐतिहासिक, स्थापत्यिक और सांस्कृतिक धरोहरों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। झांकियों में विभिन्न क्षेत्रों में की गई प्रगति को भी दर्शाया जाएगा।

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2007 प्राप्त 22 बच्चों में से 18 बच्चे भी परेड में भाग लेंगे जो हाथी पर सवार रहेंगे। चार बच्चों को यह पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान किया गया है।

बाल वर्ग में दिल्ली के विभिन्न स्कूलों और विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों के 1400 से अधिक लड़के-लड़कियां नृत्य और अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

सीमा सुरक्षा बल के जांबाज यानी मोटरसाइकिल सवार परेड का मुख्य आकर्षण होंगे। इस दल में 34 मोटरसाइकिलों पर 178 जवान सवार होकर करतब दिखाएंगे। इसमें बार्डर मैन सेल्यूट, लैडर बैलेसिंग, पैरेलल बार, ह्यूमन पिरेमिड, गुलदस्ता सफारी और पऊलैग मार्च शामिल होंगे। ये जांबाज जवान हैरतअंगेज कारनामे पेश करेंगे जिनमें मस्तिष्क, शरीर और मशीन के बीच गजब का तालमेल नजर आएगा।

परेड का अंतिम कार्यक्रम वायु सेना द्वारा होगा जिसमें एमआई-26 और एडवांस्ड लाइट हेलीकाप्टर भाग लेंगे। इसमें आईएल-76, दो एएनऱ्32 और दो डोरनियन द्वारा बिग ब्वॉय फार्मेशन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद पांच जैगुअर युध्दक विमान ऐरो हेड फार्मेशन पेश करेंगे। पांच मिग-29 विमान बाज फार्मेशन प्रस्तुत करेंगे, और सबसे अंत में एसयू-30 एमकेआई युध्दक विमान हैरतअंगेज त्रिशूल फार्मेशन प्रस्तुत करेंगे और तेजी से राजघाट की तरफ उड़ जाएंगे। बीच मंच के निकट जब ये विमान पहुंचेंगे तो बीच वाला विमान ऊर्ध्वाकार चार्ली करतब पेश करेगा।
समारोह राष्ट्रगान और हवा में गुब्बारे छोड़ने के साथ पूर्ण हो जाएगा।

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