लगभग 49.36 लाख राशन कार्ड धारकों और सात लाख किसानों सहित दस हजार से अधिक राशन दुकानों की सूची इसमें शामिल
रायपुर 21 जनवरी 2008
सार्वजनिक वितरण प्रणाली और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के विशाल नेटवर्क में 57 लाख से अधिक लोगों की व्यक्तिवार जानकारी किसी वेबसाईट पर उपलब्ध कराने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा आज सवेरे यहां अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिस जन-भागीदारी वेबसाईट का लोकार्पण किया गया, उसमें 49 लाख 36 हजार राशन कार्ड धारकों और समर्थन मूल्य पर नियमित रूप से धान बेचने वाले लगभग सात लाख किसानों की व्यक्तिवार जानकारी दर्ज है। इतना ही नहीं बल्कि इस वेबसाईट में दस हजार 400 राशन दुकानों, एक हजार 333 प्राथमिक सहकारी समितियों और एक हजार 530 धान उपार्जन केन्द्रों का व्यौरा भी आम जनता के लिए ऑन लाइन हो गया है।
सार्वजनिक वितरण प्राणाली और धान खरीदी के इस सरकारी कारोबार में पारदर्शिता, जन भागीदारी और जन निगरानी के लिए आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए इस प्रकार का एक अनोखा वेबसाईट विकसित करने वाला छत्तीसगढ़ भारत का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही देश में शायद पहली बार राशन दुकानों और धान खरीदी से संबंधित जन-शिकायतों को दर्ज करने, उचित मूल्य दुकानों के लिए राशन सामग्री के परिवहन और भण्डारण की दुकानवार मासिक जानकारी देने के लिए कॉल सेण्टर की स्थापना करने और मोबाईल पर एस.एम.एस. द्वारा लाखों सेल फोन धारकों तक यह जानकारी पहुंचाने की प्रणाली भी सबसे पहले छत्तीसगढ़ में आज से शुरू की गई है। इस वेबसाईट और कॉल सेण्टर का इस्तेमाल कोई भी नागरिक कहीं से भी आसानी से कर सकता है और राशन दुकानों के काम-काज तथा धान खरीदी से लेकर चावल बनाने के लिए होने वाली कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया की ताजा स्थिति का ब्यौरा प्राप्त कर सकता है।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एन.आई.सी.) की राज्य इकाई द्वारा इस जन भागीदारी वेबसाईट और कॉल सेण्टर की परिकल्पना को साकार किया गया है। कॉल सेंटर के इस नि:शुल्क दूरभाष नम्बर 1800-233-3663 पर राज्य का कोई भी व्यक्ति फोन कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं खाद्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के रायपुर स्थित मुख्य कार्यालय में यह कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। यह शासकीय अवकाश के दिनों को छोड़कर अन्य दिनों में प्रतिदिन सुबह 8 से रात्रि 10 बजे चौदह घण्टे तक लगातार खुला रहेगा। कॉल सेंटर में दर्ज कराई जाने वाली शिकायत कॉल सेंटर के आपरेटरों द्वारा तत्काल इंटरनेट के माध्यम से संबंधित जिले के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सभी जिला खाद्य कार्यालय में प्रात: 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक कार्य करने वाले कॉल सेंटर प्रकोष्ठ गठित किए गए है। इस प्रकोष्ठ में नियुक्त कर्मचारी इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारी को देगें। शिकायतों की जांच के लिए सभी जिला मुख्यालय तथा अनुविभाग स्तर पर उड़न दस्ते गठित किए गए है। शिकायत प्राप्त होते यह उड़न दस्ते तत्काल सक्रिय होकर कार्यवाही प्रारंभ कर देगें। शिकायत की जांच के बाद जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा वेबसाईट में की गई कार्यवाही का विवरण दर्ज किया जायेगा। यह विवरण दर्ज करते ही खाद्य विभाग की वेबसाईट में उपलब्ध हो जाएगा। इसके आधार पर कॉल सेंटर द्वारा शिकायतकर्ता को उसके द्वारा की गई शिकायत पर कार्यवाही की जानकारी दी जाएगी।
इसी प्रकार जनभागीदारी की वेबसाईट www.cg.nic.in\citizen पर कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन का पंजीजन करा कर एस.एम.एस. के माध्यम से राशन दुकान की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाईट www.cg.nic.in\khadya के माध्यस से भी जन-भागीदारी वेबसाईट खोली जा सकती है। कोई भी व्यक्ति एक या एक से अधिक राशन दुकानों की जानकारी के लिए इस वेबसाईट पर जाकर अपने मोबाईल फोन नम्बर अथवा ई-मेल के पते का नि:शुल्क पंजीयन करा सकता है। पंजीयन कराने के बाद नागरिक खाद्य विभाग से संबंधित शिकायत ई-मेल के जरिए भी दर्ज करवा सकते हैं। पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद दर्ज मोबाइल नम्बर की पुष्टि के लिए उस पर एक एस.एम.एस. संबंधित वेबसाईट से भेजा जाएगा। मोबाईल धारक द्वारा कन्फर्मेशन के लिए अपने उत्तर के रूप " Yes ' टाइप कर भेजते ही उसका पंजीयन हो जाएगा। इसकी सूचना भी एस.एम.एस. के जरिए दी जाएगी। पंजीयन के बाद संबंधित व्यक्ति के मोबाइल नम्बर अथवा ई-मेल आईडी पर वांछित सूचनाएं प्राप्त होने लगेंगी। उसे छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रदाय केन्द्र से संबंधित राशन दुकान को राशन लेकर जाने वाले ट्रक का नम्बर , उसमें जा रहे चावल, गेहूं, शक्कर आदि की मात्रा, रवानगी की तारीख और समय की जानकारी एस.एम.एस. अथवा ई-मेल के जरिए मिल जाएगी। इस सूचना के आधार पर व्यक्ति संबंधित राशन दुकान में जाकर उसकी पुष्टि कर सकेगा।
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