मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल रात यहां अपने निवास पर छत्तीसगढ़ की कृषक बिरादरी से बजट पूर्व विचार-विमर्श करते हुए कहा कि किसानों की आर्थिक बेहतरी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉ. सिंह ने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य में जहां किसानों को सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण प्राप्त करने की सुविधा मिली है, वहीं एक लाख नये सिंचाई पम्प कनेक्शन देने का तीन वर्षीय लक्ष्य भी चालू वित्तीय वर्ष में पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य में खेती के विकास और किसानों के उत्थान के लिए संसाधनों का कोई अभाव ना होने पाए।
छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू के नेतृत्व में आए कृषक बिरादरी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर उनसे विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राज्य में खेती की जमीन की सुरक्षा के लिए यह कानून बनाया जाए कि छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि की खरीदी सिर्फ छत्तीसगढ़ के किसान करें। कृषक बिरादरी के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री द्वारा धान का समर्थन मूल्य गेहूं के बराबर एक हजार रूपए प्रति क्विंटल घोषित करवाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही पहल को स्वागत योग्य बताया और इसके लिए डॉ. रमन सिंह की प्रशंसा भी की।
कृषक बिरादरी ने ज्ञापन में कोदो, कुटकी, रागी, कुल्थी आदि लघु धान्य फसलों सहित हर्बल फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि किसानों के लिए बिजली शुल्क में समानता, डेयरी उत्पादन, मछली उत्पादन, उद्यानिकी आदि क्षेत्र से जुड़े किसानों से बिजली का शुल्क अन्य किसानों के समान लिया जाए। सिंचाई के पानी पर पहली प्राथमिकता किसानों की हो। भूमिगत जल और सतही जल संग्रहण पर भी पहला अधिकार किसानों का हो। विशेष आर्थिक क्षेत्र की तरह बस्तर, सरगुजा आदि कृषि बहुल क्षेत्रों में विशेष कृषि जोन की स्थापना करते हुए उनमें खेती और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाए। कृषि ऋणों की अदायगी के लिए दस वर्ष की समय सीमा दी जाए। फसल बीमा के अंतर्गत क्षतिपूर्ति निर्धारण के लिए विकासखण्ड के स्थान पर ग्राम पंचायत को इकाई माना जाए। कृषक बिरादरी ने बजट पूर्व किसानों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री द्वारा किए गए विचार-विमर्श के लिए उन्हें विशेष रूप से धन्यवाद दिया। प्रतिनिधि मंडल में बिलासपुर के श्री आनंद मिश्रा, दुर्ग के श्री विनोद हरमुख, ग्राम देवरी के श्री जयनारायण अग्रवाल, तिरगा के श्री सुरेन्द्र बेलचन्दन, कवर्धा के श्री सुरेश चन्द्रवंशी तथा रायपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर भी शामिल थे।
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