मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को वर्ष 2008 का भारत अस्मिता श्रेष्ठ जन-प्रतिनिधि राष्ट्रीय सम्मान

भारतीय लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने में बहुमूल्य योगदान के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को वर्ष 2008 के भारत अस्मिता जनप्रतिनिधि श्रेष्ठ राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जाएगा। यह 'लाईफ टाइम एचिव्हमेंट एवार्ड' महाराष्ट्र अकादमी ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड एजूकेशनल रिसर्च (एम.ए.ई.ई.आर.) के पुणे स्थित महाराष्ट्र तकनीकी संस्थान (एम.आई.टी.) द्वारा वर्ष 2005 में स्थापित किया गया है।

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री के.जी. बालकृष्णन आगामी तीन फरवरी को पुणे में आयोजित एक गरिमामय समारोह में डॉ. रमन सिंह को यह एवार्ड प्रदान करेंगे। संस्था द्वारा शिक्षा, पत्रकारिता और सामाजिक जागरण के क्षेत्र में श्रेष्ठ योगदान देने वालों को भी विभिन्न प्रतिष्ठित एवार्ड दिए जाएंगे। समारोह में प्रबंधन के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में भारतीय अस्मिता आचार्य श्रेष्ठ सम्मान भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) अहमदाबाद के पूर्व निदेशक श्री बकुल ढोलकिया को दिया जाएगा, जबकि युवा सांसदों के लिए स्थापित भारत अस्मिता जनप्रतिनिधि श्रेष्ठ सम्मान सांसद श्री बैजयंत पण्डा और मीडिया के क्षेत्र में भारत अस्मिता जन-जागरण श्रेष्ठ सम्मान वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार श्री राजदीप सरदेसाई को प्रदान किया जाएगा।

भारत अस्मिता राष्ट्रीय सम्मान चयन समिति के अध्यक्ष और देश के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री टी.एन.शेषन ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को एक पत्र के माध्यम से यह सूचना दी है और उन्हें सम्मान समारोह में आमंत्रित किया है। उन्होंने इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए डॉ. रमन सिंह के चयनित होने पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दी हैं। श्री टी.एन.शेषन की अध्यक्षता में गठित चयन समिति ने सर्वसम्मति से भारत अस्मिता जनप्रतिनिधि श्रेष्ठ लाईफ टाइम एचिव्हमेंट के विशेष एवार्ड के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नाम का चयन किया है। चयन समिति में प्रोफेसर विश्वनाथ डी. कराड, पद्म विभूषण डॉ. आर.ए.माशेलकर और पद्मश्री सम्मान प्राप्त डॉ. विजय भाटकर भी शामिल थे। डॉ. रमन सिंह को संबोधित पत्र में चयन समिति के अध्यक्ष श्री शेषन ने कहा है कि डॉ. सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रशासन और भी अधिक प्रभावी और सुदक्ष हुआ है। देश के सार्वजनिक जीवन और शासन प्रशासन में आज उनके जैसे समर्पित और सेवाभावी लोगों की जरूरत है, जिनके माध्यम से देश को सही नेतृत्व मिल सकता है।

संस्था द्वारा स्थापित भारत अस्मिता जनप्रतिनिधि श्रेष्ठ सम्मान वर्ष 2005 में पूर्व सांसद स्वर्गीय डॉ. श्रीकांत जिचकर, वर्ष 2006 में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री आर.आर.पाटिल और वर्ष 2007 में उड़ीसा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक को दिया जा चुका है। इस पुरस्कार के अंतर्गत प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह सहित सवा लाख रूपए की सम्मान राशि प्रदान की जाती है। एम.आई.टी. समूह संस्थानों की स्थापना वर्ष 1983 में महाराष्ट्र के सुप्रसिध्द शिक्षाविद्, चिन्तक, समर्पित शिक्षक और समाज सेवी प्रोफेसर विश्वनाथ डी.कराड ने इंजीनियरिंग एवं शिक्षा शोध अकादमी महाराष्ट्र (एम.ए.ई.ई.आर.) के अंतर्गत की थी। एम.आई.टी. पुणे में चालीस शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं जिनमें 30 हजार से अधिक विद्यार्थी इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन और प्रशासन जैसे संकायों में पढ़ाई कर रहे हैं।

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