छापामार शैली में होगी राशन दुकानों की जांच
सभी जिलों में उड़न दस्तों का गठन होगा
खाद्य अधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक
राशन कार्डों की जांच के लिए विशेष अभियान चलेगा
छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में और अधिक कसावट लाने तथा सम्पूर्ण प्रणाली पर लगातार निगाह रखने के लिए खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा उड़नदस्तों का गठन किया जाएगा। इनमें खाद्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों सहित खाद्य निरीक्षकों और जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।
विभाग के सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने आज यहां मंत्रालय में खाद्य अधिकारियों की राज्य स्तरीय बैठक में उन्हें उड़न दस्तों के गठन की कार्रवाई जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खाद्य सचिव ने बैठक में कहा कि इस प्रकार के उड़न दस्ते जिलों की आवश्यकता के अनुरूप तहसील स्तर पर भी बनाए जाएंगे। ये उड़न दस्ते छापामार शैली में उचित मूल्य की दुकानों में पहुंचकर अनाज, शक्कर और मिट्टी तेल वितरण व्यवस्था का जायजा लेंगे। राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना में गरीबों को तीन रूपए किलो चावल वितरण की प्रक्रिया पर भी उड़न दस्ते अपनी पैनी निगाह रखेंगे। उनके द्वारा फर्जी राशन कार्डों के बारे में भी शिकायतों की त्वरित जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। ऐसे फर्जी कार्डों को तत्काल निरस्त भी किया जाएगा।
खाद्य सचिव ने बैठक में मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना की प्रगति और इस योजना के विस्तार के लिए चल रही तैयारियों की जिलेवार पूरी जानकारी ली। उन्होंने खाद्य अधिकारियों से कहा कि इस योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. शुक्ला ने खाद्य अधिकारियों से कहा कि विभाग के सभी मैदानी अधिकारियों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र की राशन दुकानों का निरीक्षण नियमित रूप से करना चाहिए। निरीक्षण में उदासीनता को शासन द्वारा गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसे उदासीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. शुक्ला ने बैठक में कहा कि राज्य में राशन कार्डों की जांच के लिए भी उड़न दस्तों के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाएगा। जांच में अपात्र पाये जाने वाले राशन कार्डों को निरस्त कर दिया जाएगा। निरस्त किए गए राशन कार्ड मूलत: राजधानी स्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संचालनालय को भेजे जाएंगे, ताकि उन्हें कम्प्यूटरों में दर्ज राशन कार्डधारकों की डाटा बेस जानकारी से हटाया जा सके। उन्होंने बताया कि फरवरी 2008 से खाद्यान्न का आबंटन इस डाटा बेस के आधार पर ही जारी किया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाईट पर जिलों में राशन कार्डों की संख्या डेटा बेस में होगी। जिला खाद्य अधिकारी कार्डवार जानकारी का प्रिंट आउट लेने के बाद इसका विश्लेषण करें। जिन राशन कार्डों को हटाना हो वे मूलत: संचालनालय खाद्य कार्यवाई के लिए भेजे। इस डाटा बेस जानकारी को खाद्य निरीक्षक से सत्यापित भी करवाएं। यदि इसके बाद भी अनियमितता होगी तो संबंधित खाद्य निरीक्षक जवाबदेह होगा।
डॉ. आलोक शुक्ला ने खाद्य अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना वृहद स्वरूप में शुरू हो रही है। योजना की सफलता की जिम्मेदारी हम सभी पर है। योजना के सफल संचालन के लिए चावल पात्रता रखने वाले सभी परिवारों तक उचित मूल्य, गुणवत्ता और निश्चित मात्रा में पहुंचना जरूरी है। फिलहाल जगदलपुर (बस्तर) को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी जिला मुख्यालयों में 16 जनवरी को एक साथ आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस आयोजन में शामिल होने के लिए आम जनता को हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में पत्र लिख कर आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री का आमंत्रण पत्र 16 जनवरी के पहले आम जनता तक पहुंचे इसके लिए गांवों में कोटवार, पटवारी, पंचायत सचिव की सेवाएं ली जाए। योजना का प्रचार-प्रसार कर लोगों को इससे होने वाले लाभ की जानकारी दी जाए।
डॉ. शुक्ला ने बताया कि खाद्यान्न सामग्री का डिलेवरी आर्डर इंटरनेट पर जारी किया जा रहा है। आगामी माह से चालान भी इंटरनेट से ही जारी होगा। प्रस्तावित टोल-फ्री कॉल सेंटर नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यालय में प्रारंभ होगा। यहां तीन व्यक्तियों की डयूटी लगेगी तथा कम्प्यूटर एवं टेलीफोन होगा। टोल फ्री कॉल सेंटर का दूरभाष नम्बर पूरे प्रदेश के लिए एक ही होगा। पी.सी.ओ. से भी फोन करने पर कोई पैसा नहीं लगेगा। कोई भी नागरिक इस कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज करा सकेगा। इस कॉल सेंटर की सेवा सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक होगी। कम्प्यूटर पर शिकायत को दर्ज कर संबंधित जिलों को तत्काल भेजा जाएगा।
खाद्य सचिव ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना से संबंधित शिकायतों निराकरण समय सीमा में करना होगा। कोई भी मोबाइल धारक खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर जाकर किसी भी दुकान के नाम पते के साथ यदि पंजीयन करवा ले तो उस दुकान के लिए जारी होने वाले राशन के आवंटन, ,खाद्यान्न के उठाव और दुकान तक परिवहन तथा भंडारण की तारीखवार संक्षिप्त जानकारी संबंधित वाहन के नम्बर सहित एस.एम.एस. के जरिए हर महीने मिल जाएगी।
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