मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि गरीबी की समस्या को जातियों के दायरे में रखकर हल नहीं किया जा सकता। आर्थिक दृष्टि से देखा जाए तो, वास्तव में गरीब की कोई जाति नहीं होती। गरीब सिर्फ गरीब होता है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने जाति बंधन को समाप्त कर मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना का विस्तार करते हुए अब उसमें सभी 34 लाख गरीब परिवारों को शामिल कर लिया है, ताकि प्रत्येक गरीब के घर में दो वक्त के भरपेट भोजन की समुचित व्यवस्था हो सके। यह योजना छत्तीसगढ़ के मेहनतकश गरीबों को पलायन की पीड़ा से भी मुक्ति दिलाएगी। राज्य में गरीबी रेखा श्रेणी के हर परिवार को इस योजना में अब तीन रूपए किलो के हिसाब से हर महीने 35 किलो चावल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने आज जांजगीर-चाम्पा जिले के विकासखण्ड बलौदा स्थित ग्राम खिसोरा में क्षेत्र की जनता को पांच करोड़ रूपए से भी अधिक राशि के विकास कार्यों की सौगात देते हुए यह बात कही। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर विकासखण्ड मुख्यालय बलौदा में अगले सत्र से महाविद्यालय खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने अनेक निर्माण और विकास कार्यो का भूमिपूजन तथा लोकार्पण किया। लोक सभा सांसद श्रीमती करूणा शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में संसदीय सचिव श्री छतराम देवांगन, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नारायण चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला देवी पाटले, विधायक द्वय सर्वश्री ननकीराम कंवर और निर्मल सिन्हा तथा कलेक्टर श्री आलोक अवस्थी सहित जिले के अनेक पंचायत प्रतिनिधि, प्रबुध्द नागरिक और प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्य अतिथि की आसंदी से खिसोरा की विशाल जनसभा में डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चालू वित्तीय वर्ष 2007-08 में विगत अप्रैल माह से प्रारंभ इस योजना में अब तक अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लगभग 19 लाख गरीब परिवारों को तीन रूपए किलो के हिसाब से हर महीने 35 किलो चावल दिया जा रहा था। अब इसमें अन्य वर्गों के 15 लाख परिवार भी शामिल कर लिए गए हैं। इस प्रकार यह देश में गरीबों के लिए अपने किस्म की पहली सबसे बड़ी खाद्यान्न सुरक्षा योजना है। इसे शुरू करने का श्रेय छत्तीसगढ़ सरकार को है। हमारी सरकार इस योजना में हर साल 837 करोड़ रूपए खर्च करेगी। आगामी 16 जनवरी को इस योजना के नये स्वरूप में शुभारंभ के लिए जांजगीर-चाम्पा में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इस कार्यक्रम में सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि गांवों का विकास और गरीबों के जीवन में खुशहाली लाना छत्तीसगढ़ सरकार का एकमात्र लक्ष्य है। पिछले चार वर्ष में इस दिशा में अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गयी हैं। राज्य के 32 लाख गरीब परिवारों को सिर्फ 25 पैसे प्रतिकिलो की दर से आयोडिन नमक दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की सुविधा दी जा रही है। हर साल 12 लाख 50 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को नि:शुल्क चरणपादुकाओं का वितरण किया जा रहा है। किसानों के खेतों में सिंचाई की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने तीन वर्ष में एक लाख नये पम्प कनेक्शन देने की विशेष कार्य योजना प्रारंभ कर पिछले दो वर्ष में 60 हजार से अधिक किसानों को इसका लाभ पहुंचाया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हजारों गांवों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ा गया है। गांवों में बिजली, पानी, शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। लोकसभा सांसद श्रीमती करूणा शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पिछले चार वर्ष में गरीबों के उत्थान के लिए अनेक ऐसी क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की गयी हैं, जिनकी ओर पूरे देश का ध्यान आकर्षित हुआ है। छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के मार्ग पर अग्रसर है। संसदीय सचिव श्री छतरात देवांगन और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला देवी पाटले ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्राम खिसोरा में एक करोड़ 55 लाख रूपए की लागत से बनने वाली मुख्यमार्ग-हरदी-कुरमा सड़क और एक करोड़ 24 लाख की पोंच-नवागांव सड़क सहित 40 लाख रूपए की लागत वाली मुख्यमार्ग-भिलाई सड़क, 29 लाख रूपए के लागत वाले आदिवासी प्री-मेट्रिक कन्या छात्रावास बलौदा, 18 लाख 49 हजार रूपए के सीमेंट कांक्रीट रोड, साढ़े छह लाख रूपए की लागत वाले ग्राम खिसोरा के खेल मैदान, ग्राम पंतोरा, बगडबरी तथा औरई खुर्द के मंगल भवन और तीस लाख रूपए की लागत वाले खिसोरा-नवागांव सड़क डामरीकरण से संबंधित कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने खिसोरा के लिए 34 लाख 41 हजार रूपए की लागत से निर्मित विद्युत उपकेन्द्र समेत ग्राम खेजा, खिसोरा, बछौद तथा रसौटा के उप स्वास्थ्य केन्द्र का भी लोकार्पण किया। इनमें से प्रत्येक उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण पांच लाख 60 हजार रूपए की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री इस मौके पर खिसोरा में 27 लाख रूपए की लागत से निर्मित आदिवासी प्री-मेट्रिक बालक छात्रावास और दस लाख रूपए की लागत से निर्मित हाईस्कूल भवन का भी लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने 30 लाख रूपए की लागत के खिसोरा-नवापारा सड़क डामरीकरण कार्य का भी भूमिपूजन किया।
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