देश के विकास के लिए सामाजिक समरसता जरूरी

रायपुर, 18 जून 2008 - राष्ट्रीय एकता और देश के विकास के लिए सामाजिक समरसता बहुत जरूरी है। समाज के सभी वर्गों की एकता से ही जनता की सामाजिक, आर्थिक बेहतरी के साथ राज्य तथा देश की तरक्की हो सकती है। पिछड़े वर्ग से संबंधित सभी समाजों का उत्थान और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में सर्व पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। महा सम्मेलन का आयोजन कबीर जयंती और झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

डॉ. सिंह ने इस अवसर पर लोगों को कबीर जयंती की शुभकामनाएं दी और जनता से सामाजिक समरसता के लिए संत कबीर के बताए मार्ग पर चलने का आव्हान किया। डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम में देश की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर भारतीय आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को भी विशेष रूप से याद किया। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पिछड़े वर्ग के विभिन्न समाजों के 22 विशिष्टजनों को आयोजकों की ओर से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछड़े वर्ग के अधिकांश लोगों का जीवन खेती पर आधारित है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को पिछड़ेपन की पीड़ा से मुक्त करने और यहां के पिछड़े तबकों के विकास की जो सपना देखा था और राज्य गठन के समय पिछड़े वर्ग से संबंधित सभी समाजों के लोगों ने मिल कर अपनी बेहतरी की जो कल्पना की थी, वह अब साकार होने लगी है। पिछड़े तबकों की उन्नति के लिए राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। यह आयोग पिछड़े वर्ग में शामिल विभिन्न समुदायों की समस्याओं का अध्ययन कर, उन्हें विकास की मुख्य धारा में शामिल करने और प्रदेश के विकास में उनकी बेहतर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपना प्रतिवेदन शासन को सौंपेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्व पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में पिछड़े वर्ग के सभी समाजों को एक गुलदस्ते की तरह जोड़ने का प्रशंसनीय प्रयास आयोजकों द्वारा किया गया है। जिस तरह एक गुलदस्ता में अनेक तरह के फूल शामिल होकर उसकी सुन्दरता को बढ़ाते हैं। उसी तरह आज पिछड़ा वर्ग के अनेक समाज के लोगों ने इस महा सम्मेलन के जरिए अपने मजबूत समाजिक संगठन को प्रदर्शित किया है।

उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग में शामिल सभी समाज के लोगों का जीवन कृषि पर आधारित है और राज्य सरकार गरीबों तथा किसानों की भलाई के लिए सतत् प्रयत्नशील है। डॉ. सिंह ने कहा कि किसान आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनें इसके लिए सरकार ने शांकभरी योजना, किसान समृध्दि योजना और सूक्ष्म सिंचाई के साधनों पर अनुदान दे रही है।

राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के हर गांव और हर घर में शिक्षा की रोशनी पहुंचे, इसके लिए लगातार सतत् प्रयास किये जा रहे हैं और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को नि:शुल्क पाठयपुस्तकों सहित नि:शुल्क गणवेश भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि नवां अंजोर परियोजना के माध्यम से समहित समूहों का गठन कर जरूरतमंद लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार गरीबी दूर करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। हाई स्कूल में अध्ययनरत 65 हजार बालिकाओं को नि:शुल्क साईकिल प्रदाय की गई है। लाखों गरीबों को तीन रूपए किलो चावल और 25 पैसे किलो नमक वितरण की योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित की जा रही है।

पूर्व विधायक (बिल्हा) श्री धरमलाल कौशिक ने भी महा सम्मेलन को सम्बोधित किया। सर्व पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन के अध्यक्ष श्री अजीत चंद्रवंशी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री जनकदास मानिकपुरी ने किया। इस अवसर पर लोक गायिका श्रीमती सीमा कौशिक ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी श्री विघ्नहरण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रघुराज सिंह, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री गणेष कौषिक, स्थानीय नगरपालिका अध्यक्ष श्री संतोष गुप्ता और कृषि उपज मंडी अध्यक्ष श्रीमती कुमारी साहू सहित सर्व पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन के पदाधिकारी, जिले के अनेक जनप्रतिनिधि, प्रबुध्द नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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