Problems viewing videos?
Download latest Windows Media Player

Shivanand KamadeDignitaries swept with golden memoirs of the hisotrical movie.
Alam-Ara was made 77 years ago and it was the first “TALKING” movie in Indian cinema, before it the movies were made without voice. Alam-Ara break the silence of Indian Cinema. Shri Shivanand Kamade did an extensive research and his whole work was demonstarted in the exibition.
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने हिन्दी की प्रथम बोलती फिल्म 'आलम-आरा' पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्धाटन किया। आज से 77 वर्ष पूर्व बनी फिल्म आलम-आरा पर केन्द्रित प्रदर्शनी लगने से नवनिर्मित महंत सर्वेश्वरदयाल सभागार के साथ एक इतिहास जुड़ गया है।
श्री अग्रवाल ने समारोह में फिल्म आलम-आरा पर श्री शिवानन्द कामड़े द्वारा सम्पादित पुस्तक 'आलम-आरा', संस्कृति विभाग की त्रैमासिक पत्रिका 'बिहनिया', इतिहासविद् रमेन्द्रनाथ मिश्र द्वारा प्रसिध्द साहित्यकार स्वर्गीय श्री हीरालाल काव्योपाध्याय की जीवनी पर लिखित पुस्तक तथा डाक विभाग द्वारा बस्तर आर्ट पर प्रकाशित 'विशेष आवरण' का विमोचन किया।
फिल्म आलम-आरा पर केन्द्रित प्रदर्शनी में फिल्म से संबंधित अनेक दुर्लभ चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। आलम-आरा हिन्दी की प्रथम सवाक् फिल्म थी। यह फिल्म 14 मार्च 1931 को पहली बार प्रदर्शित हुई। इस प्रदर्शनी की परिकल्पना, शोध, संकलन और प्रस्तुति श्री शिवानन्द कामड़े की है।
Shivanand Kamade
संचालक संस्कृति श्री राकेश चतुर्वेदी ने कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया।
Comments
Post new comment