In India, 13 States, namely Andhra Pradesh, Assam, Bihar, Chhattisgarh, Goa, Gujarat, Karnataka, Kerala, Madhya Pradesh, Maharashtra, Orissa, Rajasthan, and Tamil Nadu have enacted legislation on Participatory Irrigation Management (PIM) till December, 2007. So far, 54330 Water Users Associations (WUAs) covering an area of 12.32 Million Hectare have been formed in various States. read more »
राजस्थान जयपुर, कोटा जिले के प्रभारी परिवहन मंत्री श्री युनूस खान ने कहा है कि लोकतंत्र में गरीबों को कोई पूछने वाला है तो वह है वसुंधरा का शासन और प्रशासन। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के प्रभारी संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत ने कहा कि मुख्यमंत्री का संकल्प है कि कोई भी शोषित, पीडित और लाचार सरकारी योजना क read more »
रायपुर, 16 अप्रैल 2008 - छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड सक्ती में ग्राम पंचायत धनपुर के मछुआरों को अपने गांव के नाम के अनुरूप धन कमाने का एक अच्छा साधन मिल गया है। मछली पालन के अपने परम्परागत व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए चिंतित इस गांव के ओमप्रकाश, रनसिंह, सितुराम, दुलारे सिंह, मुखीराम, श्यामलाल, बाबूल read more »
हिमाचल प्रदेश ऊना जिले के गगरेट में नाबार्ड द्वारा वित पोषित महत्वाकांक्षी स्वां नदी तटीयकरण चरण दो की आधारशिला मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल ने रखी। 1400 वर्ग कि.मी. कैचमेंट की स्वां नदी कुल 85 कि.मी. लंबी है जिसका 65 कि.मी. हिमाचल प्रदेश में है। बाकी का हिस्सा पंजाब में है जहां यह सतलुज नदी को मिलती है। इसमें 73 सहायक नदियां आकर मिलती हैं। हिमाचल प्रदेश की स्वां नदी प्रबन्धन एवं समन्वित भूमि विकास परियोजना के दूसरे चरण पर 23552 क़रोड़ रूपये की लागत आने का अनुमान है तथा नदी के गगरेट पुल तथा झलेड़ा पुल के मध्य के क्षेत्र का तटीयकरण व प्रबन्धन कार्य किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में वर्षा के दौरान उपजाऊ भूमि के भू-कटाव को रोक कर भू-संरक्षण में सहायता मिलेगी। इसमें पाचं हजार हेक्टेयर क्षेत्र को कृषि, बागवानी तथा सम्बन्ध गतिविधियों के लिए तैयार किया जाएगा। इस परियोजना को केन्द्रीय जल आयोग तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है और इसके द्वितीय चरण के निर्माण को शुरू करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। read more »
देश में सतही और उप-सतही स्रोतों से जल की उपलब्धता का समुचित मूल्यांकन उचित आयोजना, विकास और प्रबंधन का आधार है । जल संसाधनों की आयोजना, विकास और प्रबंधन को बहु-क्षेत्रीय, बहु-विभागीय और भागीदारीपूर्ण दृष्टिकोण के साथ ही राष्ट्रीय जल नीति, 2002 के अनुसार समन्वित गुणवत्ता, संख्या और पर्यावरण संबंधी पहलुओं पर आ read more »
छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) में सुरक्षा कार्यों के लिए नौ करोड़ 81 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। जलसंसाधन विभाग ने यहां मंत्रालय से स्वीकृति आदेश जारी कर दिया है।
छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा रायपुर जिले के विकासखंड देवभोग में बरहीनाला व्यपवर्तन सिंचाई योजना के लिए पांच करोड़ 46 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। जल संसाधन विभाग ने यहां मंत्रालय से इसकी प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया गया है। इस लघु सिंचाई परियोजना का निर्माण पूर्ण होने पर इलाके में खरीफ के दौरान छह सौ हेक्टेयर अर्थात एक हजार 500 एकड़ में किसानों को फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। जल संसाधन विभागीय अधिकारियों को निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जयपुर,राजस्थान - गृहमंत्री श्री गुलाबचंद कटारिया ने जलदाय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए चल रहे कार्यों को यथाशीघ्र पूरा करने के प्रभावी प्रयास करें।
श्री कटारिया शनिवार को उदयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहर के अन्दरुनी क्षेत्रों में जहां पेयजल की ज्यादा समस्या है वहां लाइन बदलने व कम दबाव की समस्या से निपटने के प्रभावी उपाय किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, यूआईटी एवं सांसद मद से पेयजल कार्यों हेतु स्वीकृत राशि का समयबध्द उपयोग सुनिश्चित करें ताकि जनता को तत्काल राहत मिल सके। read more »