बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक 21 जनवरी को रायपुर में

बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में 21 जनवरी को रायपुर स्थित सिहावा भवन डाटा सेन्टर के बैठक कक्ष में पूर्वान्ह 11.30 बजे से आयोजित की जाएगी। ज्ञातव्य है कि पूर्व में यह बैठक जिला कांकेर में होने वाली थी।

फैसलों के क्रियान्वयन में देरी बर्दाश्त नहीं होगी - डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरणों जैसी सर्वोच्च अधिकार प्राप्त संस्थाओं में पारित प्रस्तावों के क्रियान्वयन में संबंधित विभागों को समय सीमा का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। डॉ. सिंह ने विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे प्राधिकरणों की बैठक से पहले इन प्रस्तावों और फैसलों के क्रियान्वयन की विभागीय स्तर पर समीक्षा कर लें ताकि बैठकों में उनकी पूरी संतोषप्रद जानकारी सदस्यों को मिल सके। डॉ. सिंह ने अधिकारियों से कहा कि फैसलों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर किसी प्रकार की अनावश्यक देरी अथवा टाल-मटोल करने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण अथवा शासन स्तर पर लिए गए जनहित के फैसलों का क्रियान्वयन संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री आज यहां जलसंसाधन विभाग के राज्य मुख्यालय 'सिहावा भवन' के सभा कक्ष में बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने बैठक में राजस्व विभाग को भूमि बंदोबस्त से संबंधित अभिलेखों में त्रुटि होने की शिकायतों के निराकरण के लिए संबंधित जिलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्राधिकरण की आज यह दसवीं बैठक थी, जबकि राजधानी रायपुर में पहली बार बस्तर प्राधिकरण की बैठक हुई। केशकाल विधानसभा उप चुनाव के सिलसिले में बस्तर जिले में लागू चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए आज की बैठक में बस्तर जिले को छोड़कर प्राधिकरण क्षेत्र के अन्य जिलों की समीक्षा की गयी, जिसमें प्राधिकरण की राशि से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों का विभागवार ब्यौरा संबंधित अधिकारियों से लिया गया। आचार संहिता के कारण बस्तर जिले के कार्यों की समीक्षा नहीं हुई और कोई निर्णय भी नहीं लिया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्राधिकरण का गठन जिन उद्देश्यों के लिए किया गया है, अधिकारी उनको ध्यान में रखकर विकास कार्यों में और भी अधिक गति लायें। मुख्यमंत्री यह भी कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र के दूर-दराज के जरूरतमंद गांवों और मजरों-टोलों को चिन्हित कर वहां बिजली पहुंचाने के लिए भी तेजी से काम करने की जरूरत है। बैठक में जानकारी दी गयी कि प्राधिकरण की पहली बैठक 29 मई 2004 को हुई थी। इसे मिलाकर विगत नौ बैठकों में से 7 जनवरी 2006 की बैठक में राज्य में मंडी चुनाव आचार संहिता होने के कारण कोई निर्णय नहीं लिया गया था। इसे छोड़कर कुल आठ बैठकों में 111 निर्णय हुए। इनमें से 64 निर्णयों का क्रियान्वयन पूर्ण हो गया, जबकि 47 में कार्रवाई प्रगति पर है।

डॉ. रमन सिंह ने समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक को नवगठित बीजापुर और नारायणपुर जिलों के मुख्यालयों में शासकीय जिला अस्पतालों के लिए प्राधिकरण के पूर्व के फैसले के अनुरूप कुल 168 पदों का सृजन जल्द से जल्द करने और उनके लिए नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया तीन माह की समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य संचालक को इस प्रक्रिया में अब तक हुए विलम्ब को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी तय करने और इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। दोनों नये जिला अस्पतालों में से प्रत्येक के लिए 84 पदों के सृजन का प्रस्ताव विगत तीन जुलाई 2007 को प्राधिकरण की बैठक में पारित किया गया था। आज की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जानकारी दी गयी कि पद सृजित किए जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है।

बैठक में यह भी बताया गया कि प्राधिकरण के विगत फैसलों के अनुसार संबंधित जिलों में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (क्रेडा) के माध्यम से एक हजार घरों में बायो गैस संयंत्र लगाए जा चुके हैं। नवगठित बीजापुर और नारायणपुर जिलों में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के नये संभागीय कार्यालय खोले गए हैं। जिला मुख्यालय नारायणपुर को नगर पंचायत का दर्जा भी दिया जा चुका है। आज की बैठक में यह भी बताया गया कि नवगठित जिला मुख्यालय बीजापुर एवं नारायणपुर में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण के लिए पचास-पचास लाख रूपए तीन जुलाई 2007 की बैठक में मंजूर किए गए थे। बीजापुर में ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण प्रगति पर है और नारायणपुर में भी इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। यह भी जानकारी दी गयी कि राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखण्ड में ग्रामीण बेरोजगारों को कम्बल बुनाई का प्रशिक्षण देने के लिए प्राधिकरण द्वारा 9 जनवरी 2007 की बैठक में स्वीकृत 27 लाख 40 हजार रूपए की धनराशि ग्रामोद्योग विभाग को आवंटित कर दी गयी है। इस राशि से ग्राम फाफानार और धरमुटोला में कम्बल बुनाई प्रशिक्षण 21 नवम्बर 2007 से शुरू हो गया है। इसी तरह 3 जुलाई 2007 की बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार नवगठित जिला मुख्यालय बीजापुर में पचास लाख रूपए की लागत से नये बस स्टैंड का निर्माण शुरू हो गया है और नारायणपुर में बस स्टैंड निर्माण के लिए संबंधित ठेकेदार को ले-आउट दिया जा चुका है। इसी तरह नवगठित बीजापुर जिले में आदिम जाति विकास विभाग के 165 आश्रम विद्यालयों और छात्रावासों में सौर-ऊर्जा से विद्युतीकरण के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण द्वारा कार्रवाई की जा रही है। दोनों नवगठित जिलों नारायणपुर और बीजापुर में मिट्टी तेल भण्डारण के लिए टंकी स्थापना जल्द करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। बैठक में यह भी बताया गया कि प्राधिकरण के विगत प्रस्ताव 3 जुलाई 2007 के अनुरूप नारायणपुर जिले के सोनपुर तथा आकाबेड़ा और बीजापुर जिले के पिलूर तथा सेंड्रा और उत्तर बस्तर जिले के ग्राम परतापुर में नये पुलिस थानों की स्थापना का प्रस्ताव गृह विभाग द्वारा वित्त विभाग को भेजा गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को आवश्यक कार्रवाई तुरंत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रदेश के आदिम जाति विकास मंत्री श्री गणेशराम भगत, राजस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पंचायत और ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, लोकनिर्माण राज्य मंत्री श्री राजेश मूणत, खाद्य राज्य मंत्री श्री सत्यानंद राठिया, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सुश्री लता उसेंडी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री श्री केदार कश्यप, संसदीय सचिव द्वय सर्वश्री देवलाल दुग्गा और संजीव शाह, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री विक्रम उसेंडी, लोक सभा सांसद श्री सोहन पोटाई, गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष श्री सुभाष राव, राज्य अन्त्यावसायी सहकारी विकास निगम अध्यक्ष श्री विजय गुरू, विधायकगण सर्वश्री अघन सिंह ठाकुर, महेन्द्र कर्मा, चन्दूलाल साहू, प्रीतम साहू, लच्छूराम कश्यप, ओंकार शाह, कवासी लखमा, पिंकी शाह ध्रुव, राज्य शासन के अपर मुख्य सचिव श्री पी.जॉय. ओमेन, पुलिस महानिदेशक श्री विश्व रंजन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तथा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री विवेक ढांड, गृह विभाग के प्रमुख सचिव श्री एन.के.असवाल और विभिन्न विभागों के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।