किसानों की तरक्की से ही आएगी छत्तीसगढ़ में खुशहाली-मुख्यमंत्री डॉ. सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि किसानों की तरक्की से ही छत्तीसगढ़ में खुशहाली आयेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। किसानों को अब सहकारी बैंकों के माध्यम से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज शाम राजनांदगांव जिले के ग्राम सुरगी में कृषि विज्ञान केन्द्र के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे ।

मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने ग्राम सुरगी में कृषि विज्ञान केन्द्र के भवन निर्माण के शिलान्यास पर ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि इस क्षेत्र की एक बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हो रही है । यह केन्द्र क्षेत्र के किसानों के लिये मददगार और मार्गदर्शक बनेगा । यह केन्द्र भरपूर पैदावार के लिये अच्छे बीजों का उत्पादन, मिट्टी जांच और कम सिंचाई में अच्छा फसल उत्पादन के संबंध में किसानों को मार्गदर्शन देगा । इसके साथ ही फसल प्रदर्शन, प्रशिक्षण एवं अच्छे फसलों के अवलोकन के लिये किसानों को भ्रमण भी करायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर फसल उत्पादन के लिये किसान परम्परागत खेती के बजाय उन्नत तकनीक को अपनायें। ड्रीप सिंचाई एवं स्प्रींकलर के माध्यम से दूसरी फसल भी आसानी से लिया जा सकता है। उन्होंने बताया लघु-सीमांत कृषकों को उन्नत कृषि उपकरण एवं सिंचाई पंप कनेक्शन में 70 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जितना पंप कनेक्शन पिछले 45 साल में नहीं दिए गए उससे कहीं ज्यादा सिंचाई पंप चार साल में दिया गया है । मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि किसानों को धान के साथ अन्य व्यावसायिक फसलों को अपनाना आवश्यक है। इससे किसानों में समृध्दि आयेगी।

डॉ. सिंह ने कहा अब सुरगी में कृषि विज्ञान केन्द्र भवन बन जाने से कृषि वैज्ञानिकों का सहयोग किसानों को मिलेगा। समारोह में मुख्यमंत्री ने कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना के तहत छ: किसानों को ट्रेक्टर, तीन किसानों को पावर टिलर और दो किसानों को किसान समृध्दि योजना की राशि वितरित की । उन्होंने ग्राम सुरगी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिये तीन लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ. चितरंजन हाजरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश का यह 14वां कृषि विज्ञान केन्द्र है । उन्होंने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिये अच्छी बीज और प्रजाति आवश्यक है। डॉ. हाजरा ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संकर धान, उड़द, मूंग, मशरूम, आम, लीची की नया किस्म विकसित की है। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र फसल प्रदर्शन, प्रशिक्षण और किसानों के भ्रमण के माध्यम से क्षेत्र के किसानों के लिये उपयोगी होगा । डॉ. हाजरा ने कृषि के साथ अतिरिक्त आमदनी के लिये पशुपालन और मछलीपालन के लिये विशेष जोर दिया ।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री भरत वर्मा ने भी संबोधित किया। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सरजियस मिंज ने राज्य शासन द्वारा किसानों के लिए चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। संचालक कृषि श्री आर.वी.सेंगर ने कृषि विज्ञान केन्द्र के संबंध किसानों को जानकारी दी।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री लीलाराम भोजवानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री सचिन बघेल, नगर निगम के अध्यक्ष श्री मधुसूदन यादव, पंच-सरपंच, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में किसान बड़ी संख्या उपस्थित थे ।

किसानों की आर्थिक बेहतरी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता-डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल रात यहां अपने निवास पर छत्तीसगढ़ की कृषक बिरादरी से बजट पूर्व विचार-विमर्श करते हुए कहा कि किसानों की आर्थिक बेहतरी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉ. सिंह ने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य में जहां किसानों को सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण प्राप्त करने की सुविधा मिली है, वहीं एक लाख नये सिंचाई पम्प कनेक्शन देने का तीन वर्षीय लक्ष्य भी चालू वित्तीय वर्ष में पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य में खेती के विकास और किसानों के उत्थान के लिए संसाधनों का कोई अभाव ना होने पाए।

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू के नेतृत्व में आए कृषक बिरादरी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर उनसे विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राज्य में खेती की जमीन की सुरक्षा के लिए यह कानून बनाया जाए कि छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि की खरीदी सिर्फ छत्तीसगढ़ के किसान करें। कृषक बिरादरी के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री द्वारा धान का समर्थन मूल्य गेहूं के बराबर एक हजार रूपए प्रति क्विंटल घोषित करवाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही पहल को स्वागत योग्य बताया और इसके लिए डॉ. रमन सिंह की प्रशंसा भी की।

कृषक बिरादरी ने ज्ञापन में कोदो, कुटकी, रागी, कुल्थी आदि लघु धान्य फसलों सहित हर्बल फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि किसानों के लिए बिजली शुल्क में समानता, डेयरी उत्पादन, मछली उत्पादन, उद्यानिकी आदि क्षेत्र से जुड़े किसानों से बिजली का शुल्क अन्य किसानों के समान लिया जाए। सिंचाई के पानी पर पहली प्राथमिकता किसानों की हो। भूमिगत जल और सतही जल संग्रहण पर भी पहला अधिकार किसानों का हो। विशेष आर्थिक क्षेत्र की तरह बस्तर, सरगुजा आदि कृषि बहुल क्षेत्रों में विशेष कृषि जोन की स्थापना करते हुए उनमें खेती और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाए। कृषि ऋणों की अदायगी के लिए दस वर्ष की समय सीमा दी जाए। फसल बीमा के अंतर्गत क्षतिपूर्ति निर्धारण के लिए विकासखण्ड के स्थान पर ग्राम पंचायत को इकाई माना जाए। कृषक बिरादरी ने बजट पूर्व किसानों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री द्वारा किए गए विचार-विमर्श के लिए उन्हें विशेष रूप से धन्यवाद दिया। प्रतिनिधि मंडल में बिलासपुर के श्री आनंद मिश्रा, दुर्ग के श्री विनोद हरमुख, ग्राम देवरी के श्री जयनारायण अग्रवाल, तिरगा के श्री सुरेन्द्र बेलचन्दन, कवर्धा के श्री सुरेश चन्द्रवंशी तथा रायपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर भी शामिल थे।