राजस्थान जयपुर, मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने मंगलवार को बीकानेर में चल रहे विकास कार्यों का सघन निरीक्षण किया तथा कार्यों को गुणवता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
श्रीमती राजे ने सूरसागर तालाब के निरीक्षण के वक्त कहा कि जून 2008 तक नगर का यह प्राचीन व ऐतिहासिक तालाब अपने पुराने वैभव में लौट आएगा। स्वच्छ जल में लोग आराम से स्नान कर सकेंगे व बोटिंग का आनंद ले सकेंगे।
श्रीमती राजे बीकानेर यात्रा के दौरान दूसरे दिन निरीक्षण के दौरान सूरसागर के आस पास रहने वाले लोगों से बातचीत की। बातचीत में आमजन ने सूरसागर की समस्या के निराकरण पर मुख्यमंत्री का तहेदिल से आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने संभागीय आयुक्त कार्यालय के पास बन रहे नाले का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाले के निर्माण में तकनीकी तथा इसमें उपयोग की जाने वाली सामग्री में गुणवता का ध्यान रखें। कार्य को निश्चित समय में पूरा करें। उन्होंने उपस्थित लोगों से नाले ढकने के बाद महसूस हो रही स्थित की जानकारी ली। उपस्थित महिलाओं व बुजुर्गों ने कहा कि अब हम वर्षों बाद शुध्द हवा में सांस ले रहे है। यह आपकी मेहरबानी है। एक मेहरबानी और करें कि हमें कच्ची बस्ती के तहत मकानों के पट्टे भी दिलवावें। मुख्यमंत्राी ने कहा कि आप अपना आवेदन जिला कलक्टर को दे दें। जो भी औपचारिकता होगी पूरी कर पट्टे दिलाने की कार्यवाही की जाएगी।
श्रीमती राजे ने सूरसागर के पास पहुंचकर जहां निर्माण व सफाई कार्य हो रहे है वहां से पैदल चलकर पूरे तालाब का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित लोगों द्वारा यह कहने पर कि तालाब की मिट्टी हमें उठाने की अनुमति दे दें। श्रीमती राजे ने तुरंत ही निर्देश दिए कि खेती के लिए सूरसागर की मिट्टी इन लोगों को नि:शुल्क ले जाने दें। उन्होंने सूरसागर से जूनागढ़ को निहारा व आस-पास बने मकानों के झरोखे आदि देखकर कहा कि इन एतिहासिक विरासत के पत्थर पर हुए कार्य को मकान मालिक इधर-उधर नहीं करें। उन्होंने जिला कलक्टर को निर्देश दिए कि आज से ही यह नियम कड़ाई से लागू किया जाए कि कोई भी व्यक्ति पुरातत्व व ऐतिहासिक महत्व की पाषाण और अन्य धातुओं की कलात्मक वस्तुओं नहीं बेचे। वे अपने मकान के अंदर चाहे जितना आधुनिक रूप मगर इन ऐतिहासिक वस्तुओं को खुर्द-बुर्द होने से बचाएं। अगर कोई व्यक्ति भविष्य में अपने के झरोखे आदि उतार कर बेचने का प्रयास करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जूनागढ़ सहित बीकानेर के अन्य ऐतिहासिक स्थलों के आस पास के क्षेत्र को पर्यटन व पुरातत्व महत्व के रूप में विकसित करने के लिए किसी अन्तरराष्ट्रीय स्तर के वास्तुशिल्पकार को बुलाकर एक कार्य योजना के माध्यम से कार्य करवाए। उन्होंने पब्लिक पार्क व गंगा थियेटर के आस पास के इलाके को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के निर्देश दिए।
श्रीमती राजे ने गंगाशहर में चांदमल जी के पूर्व के बाग स्थल पर जमा होने वाले गंदे पानी को देखा तथा पानी की निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रामपुरिया मोहल्ला स्थित भंवर निवास होटल का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बीकानेर की हवेलियों को पर्यटन की दृष्टि से हैरिटेज के रूप में विकसित करने पर विचार किया जाएगा। सभी पर्यटन स्थलों तक अच्छी एपरोच रोड़ बनाई जाएगी। होटल के प्रबंध संचालक सुनील रामपुरिया ने उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री द्वारा शहर के विभिन्न विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान संभागीय आयुक्त श्री ललित मेहरा, महानिरीक्षक पुलिस श्री राजीव शर्मा, जिला कलक्टर श्री शिखर अग्रवाल, आर.यू.आई.डी.पी. के श्री करणी सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक श्री हवा सिंह घूमरिया, नगर विकास न्यास के अध्यक्ष श्री श्रीगोपाल अग्रवाल, श्री नंद किशोर सोलंकी, श्री गोपाल गहलोत सहित अनेक जन प्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उनके साथ थे।
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