छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द वनवासी संत और समाज सेवी स्वर्गीय श्री रामेश्वर गहिरा गुरू के नाम पर पर्यावरण पुरस्कार की स्थापना की गयी है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा दो लाख रूपए का यह पुरस्कार राज्य में हर साल पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण की रोकथाम के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले संगठन को दिया जाता है। वनवासी संत गहिरा गुरूजी महाराज, छत्तीसगढ़ पर्यावरण पुरस्कार योजना के तहत इच्छुक संगठनों अथवा संस्थाओं से आवेदन 31 मार्च 2008 तक सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, 01, तिलक नगर, शिवमंदिर चौक, अवंति विहार, रायपुर के पते पर आमंत्रित किए गए हैं।
इस पुरस्कार योजना के तहत नगरीय निकाय, प्राधिकरण, पंचायती राज संस्था, गैर सरकारी संगठन एवं उद्योग आदि से प्राप्त आवेदनों पर चयन समिति द्वारा विचार कर सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि वाली संस्था का चयन किया जाएगा। प्रविष्टियों के चयन में पर्यावरण के क्षेत्र में संबंधित संगठन या संस्था के योगदान की गुणवत्ता को भी ध्यान में रखा जाएगा। पर्यावरण के क्षेत्र में किये गये कार्य का पर्यावरण की सुरक्षा पर प्रभाव, चयन के लिये मुख्य मापदंड होगा। यह पुरस्कार 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित समारोह में दिया जायेगा।
सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने जानकारी दी है कि प्रदूषण, नियंत्रण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, नष्ट होने वाले संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, पर्यावरणीय आयोजन और प्रबंधन, पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन, पर्यावरण की समृध्दि के लिये उत्कृष्ट फील्ड कार्य जैसे वृक्षारोपण, भूमि सुधार, पर्यावरण शिक्षा, पर्यावरण के क्षेत्र में शोध कार्य आदि से संबंधित उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाएं इस पुरस्कार योजना में सम्पूर्ण विवरण के साथ आवेदन कर सकती हैं।
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