राजस्थान जयपुर, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के प्रभारी संसदीय सचिव श्री भवानी सिंह राजावत ने लहसुन की बोली लगाकर कोटा की कैथून मण्डी में पुन: व्यापार शुरू करने का किसानों का वर्षों पुराना सपना साकार किया। भामाशाह कृषि उपजमंडी समिति द्वारा आयोजित कैथून मण्डी के शुभारंभ समारोह में आज मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए संसदीय सचिव राजावत ने कहा कि इस क्षेत्रा में लहसुन की अच्छी किस्म की पैदावार को देखते हुए किसानों की भी मांग भी कि यहां लहसुन मण्डी खोली जाये। उन्होंने कहा कि आज से यहां लहसुन मण्डी प्रारंभ होने से किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है और उनका सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि कैथून मण्डी में आढत व्यवस्था लागू नहीं होने से किसानों को अधिक लाभ होगा और उन्हें अपनी लहसुन की उपज का अच्छा भाव मिलेगा। उन्होंने कहा कि बारदाना भी व्यापारी का ही होगा।
संसदीय सचिव ने कहा कि जब कैथून में मण्डी फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया तो उस समय कोटा मण्डी के व्यापारियों ने विरोध किया परन्तु किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर आज यहां मण्डी प्रारंभ की गई है। किसान स्वतंत्रा है कि वह अपनी उपज जहां चाहे बेच सकता है।
श्री राजावत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने राजस्थान के किसानों के हितों को देखते हुए राज्य में अनेक स्थानों पर वहां की स्थानीय उपज के आधार पर इसबगोल, जीरा, धनियां, अश्वगंधा, मिर्ची आदि की मंडियां स्थापित की हैं जिससे किसानों को उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इसी नीति के अनुरूप आज कैथून में भी लहसुन मण्डी शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि आज जबकि टाटा और बजाज जैसी बडी कम्पनियां नमक और मसाला व्यवसाय में आगे आई हैं ऐसे में आवश्यक है कि तरक्की के लिए काश्तकार केवल कृषि उत्पादन पर ही निर्भर नहीं रहे वरन् कृषि आधारित जैसे लहसुन का पावडर व पेस्ट आदि तैयार करने के उद्योग लगाने के लिए आगे आये। उन्होंने चौमू का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पांच करोड रूपये की लागत से सब्जियों के पैकिंग का प्लांट लगाया गया है जिससे सब्जियों का खाडी देशों में निर्यात हो रहा है। उन्होंने बताया कि आज राजस्थान से करीब 1700 मैट्रिक टन जीरा भी निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए प्रेरित करने की दृष्टि से कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया।
संसदीय सचिव ने कहा कि जिस समय भामाशाह कृषि उपजमंडी समिति का शुभारंभ करने पूर्व मुख्यमंत्री श्री भैरोंसिंह शेखावत आये थे तो उन्होंने विशाल मण्डी को देखकर कहा था कि इतनी बडी मंडी किसलिए बनवाली है। उस समय विशाल लगने वाली मण्डी आज बम्पर पैदावार आने से बोनी लगने लगी है और मण्डी में स्थान की कमी होने लगी है। उन्होंने कहा कि इस तथ्य को देखते हुए कैथून में गौण मंडी प्रारंभ की गई है तथा भामाशाह मण्डी के विस्तार के बारे में विचार किया जा रहा है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए भामाशाह कृषि उपजमंडी समिति की अध्यक्ष श्रीमती संतोष बैरवा ने कहा कि पिछले चार सालों से कैथून में मण्डी प्रारंभ करने की मांग को संसदीय सचिव के प्रयासों से आज पूरा कर यहां के काश्तकारों को विकास का एक तोहफा मिला है। उन्होंने बताया कि इस मण्डी के विकास के लिए एक करोड रूपये के प्रस्ताव सरकार को भिजवाये गये हैं और जैसे ही स्वीकृति प्राप्त होगी यहां की मण्डी में मूलभूत सुविधाओं आदि के विकास कार्य कराये
जायेंगे। उन्होंने बताया कि गत वर्ष जिले में लहसुन का रकबा 2200 हैक्टेयर में था जो इस साल बढकर 8 हजार हैक्टेयर से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि लहसुन की पैदावार में वृद्धि होने से काश्तकारों को निश्चित रूप से कैथून लहसुन मण्डी से अच्छा लाभ मिलेगा।
श्रीमती बैरवा ने कहा कि भामाशाह कृषि उपजमंडी समिति में कृषि जिन्सों को पानी में भीगने से बचाने के लिए 2 करोड रूपये का विशाल टीनशेड का निर्माण कराया गया है तथा एक ओर बडा नीलामी शेड 160 क़रोड रूपये से निर्माणाधीन है एवं 2 करोड 16 लाख रूपये से एक और नीलामी शेड की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसका कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि मण्डी प्रांगण में 3 करोड रूपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं युक्त किसान भवन का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है तथा मुख्य अतिथि से आग्रह किया कि वे इसका शुभारंभ कराने के लिए मुख्यमंत्राी से समय दिलावें।
विशिष्ठ अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए नगरपालिका कैथून के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र नन्दवाना ने कैथून में मण्डी प्रारंभ करने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इस क्षेत्रा के काश्तकारों के लिए एक नया तोहफा बताया।
प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन में क्षेत्राीय कृषि विपणन बोर्ड के सहायक निदेशक ने बताया कि राज्य में 19 ऐसी मंडियां प्रारंभ की गई हैं जो क्षेत्रीय कृषि उपज की विशेषता के आधार पर स्थापित हैं। उन्होंने कहा कि कैथून की मण्डी भामाशाह कृषि उपजमंडी की सेटेलाईट मण्डी के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि मण्डाना सब यार्ड को भी प्रारंभ करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
प्रारंभ में मुख्य अतिथि श्री राजावत ने लक्ष्मी एवं गणेश की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। मण्डी समिति की और से अतिथियों का साफा बंधाकर तथा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कृषि उपजमंडी समिति के सदस्य राजकुमार नन्दवाना, गोपेश मालव, शिवराज नागर, किसान मोर्चा के तुलसीराम नागर, देहात महामंत्री प्रहलाद पंवार, मण्डी समिति दिवाकर दाधीच, कैथून मण्डी के प्रभारी कमल गोस्वामी भी मंचासीन थे। समारोह में बडी संख्या में कैथून के आसपास के गांवों से आये पंच-सरपंच, किसान तथा स्थानीय नागरिक भी उपस्थित थे। समारोह का संचालन स्थानीय पार्षद प्रेम गौतम ने किया।
राजावत ने लगाई तोहफों की झड़ी
कैथून मण्डी के शुभारंभ समारोह में संसदीय सचिव श्री भवानी सिंह राजावत ने कैथून सहित आसपास के ग्रामीणों को आज तोहफे देने में कोई कसर नहीं छोडी और तोहफों की झड़ी लगा दी। उन्होंने घोषणा की कि ग्राम गंदीफली के पास कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए रीको का क्षेत्रा विकसित किया जायेगा। इसके लिए वे आज से ही प्रयास प्रारंभ कर देंगे और शीघ्र ही उद्योग मंत्री से चर्चा कर यहां रीको क्षेत्र विकसित करायेंगे। उन्होंने कहा कि रीको का औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से यहां कृषि आधारित उद्योगों का विकास होगा जिससे कृषकों को उनकी उपज का और अधिक अच्छा लाभ मिलेगा।
उन्होंने घोषणा की कि नगरपालिका द्वारा मवासा रोड को सीसीरोड बनाने के लिए भेजा गया 60 लाख रूपये का प्रस्ताव राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया है। अब यहां नया सीसीरोड बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए पालिका अध्यक्ष द्वारा टेण्डर भी कर लिये गये हैं। श्री राजावत ने घोषणा करते हुए कहा कि कैथून मण्डी के विकास के लिए भेजे गये एक करोड 25 लाख रूपये के प्रस्तावों को शीघ्र ही मंजूर करायेंगे और यहां निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कैथून में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ बनाने की दृष्टि से शीघ्र ही खण्ड स्तरीय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कार्यालय प्रारंभ होगा।
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