श्रीमति वसुंधरा राजे डॉ. अम्बेडकर¬ जयंती पर कई कार्यक्रमों में

राजस्‍थान, जयपुर, 14 मार्च। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने सोमवार को बीकानेर में अम्बेडकर सर्किल पर स्थित डा. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर संविधान निर्माता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया।
मुख्यमंत्री ने अम्बेडकर सर्किल पर उपस्थित लोगों के ज्ञापन लिए। यहां श्री युधिष्ठर सिंह भाटी ने उनका चुनरी ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सोमवार को हैलीकॉप्टर से दोपहर को दो दिवसीय बीकानेर यात्रा पर डूंगर कॉलेज परिसर में निर्मित हैलीपैड पर पहुंची। जहां राज्य मंत्री मंडल के सदस्यों, बीकानेर के जन प्रतिनिधियों तथा गणमान्यजनों ने उनका भाव भीना स्वागत किया।

गौरव पथ का शिलान्यास

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने सोमवार को बीकानेर स्थित म्यूजियम चौराहा पर ' गौरव पथ ' का शिलान्यास किया।
इस अवसर सार्वजनिक निर्माण मंत्री राजेन्द्र राठौड़ सहित अनेक मंत्री, जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
सार्वजनिक निर्माण मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 में हल्दीराम प्याऊ से म्यूजियम चौराहा तक दो लेन सड़क को अब चार लेन किया जाएगा। इस कार्य को राष्ट्रीय उच्च मार्गों की वार्षिक योजना 2007-08 में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि कार्य का तकमीना पोत परिवहन, सड़क परिवहन एवं राज मार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किया गया। उन्होंने इस कार्य के लिए 28 मार्च 08 को 674.63 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गयी है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से इसकी निविदा भी जारी हो चुकी है। इस कार्य को सात माह की अवधि में जनवरी 2009 में पूर्ण करवाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्य में डामरीकृत सतह की चौड़ाई दोनों तरफ 7.25 मीटर होगी। दोनों लेन के बीच 2.0 मीटर चौड़ाई का मध्यम होगा। डामरीकृत सतह के बाद सड़क के दोनों ओर 1.0 मीटर चौड़ाई की ग्रेवल पटरी होगी।

महिलाओं ने उत्साह दिखाया

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने सोमवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय के पास के मार्ग पर महिलाओं के बीच गई तथा उनसे ज्ञापन लिए। महिलाओं ने मुख्यमंत्री के जिन्दाबाद के नारे लगाए तथा चुनरी ओढ़ाकर उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री कार से अम्बेडकर सर्किल से सार्दुल क्लब मैदान स्थित आयोजित समरसता रैली में हिस्सा लेने के लिए जा रहीं थी। रास्ते के दूसरे छोर में खड़ी महिलाओं ने उनको ठहरने का आग्रह किया जिसे स्वीकार करते हुए श्रीमती राजे उनके पास पहुंच गई तथा उनके अभाव अभियोग सुनकर ज्ञापन लिए।

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