विनम्र एवं संवेदनशील बन नौकरशाह अपने दायित्वों का निर्वाह करें

राजस्थान जयपुर, उत्तराखंड के राज्यपाल श्री बीएल ज़ोशी का मानना है कि नौकरशाही में विनम्रता व संवेदनशील होने के साथ-साथ अपने में बदले हुए वर्तमान स्वरूप को समाहित कर समाज की भावना के अनुरूप कार्य करने की क्षमता होनी चाहिए। इससे वे विभिन्न चुनौतियों का आसानी से सामना कर सकते है और साथ ही अपने दायित्वों का भी सही तरीके से निर्वाह कर सकते हैं।
श्री जोशी रविवार को अजमेर के समरथदान पत्रकार भवन में सिटीजन कौंसिल, जिला पत्रकार संघ एवं अजयमेरू प्रेस क्लब की ओर से आयोजित ''बदलते परिवेश में नौकरशही की भूमिका'' विषय पर आयोजित सेमीनार में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि नौकरशाही (सिविल सर्वेन्ट्स) में विकास को तलाशने की क्षमता व सेवा का भाव होना चाहिए न कि सामर्थ्य के साथ निरंकुशता का भाव। इनमें स्वयं के प्रयास से क्या बदलाव लाया जा सकता है की सोच भी होनी चाहिए।
सेमीनार की अध्यक्षता करते हुए स्वायत्त शासन राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र गोयल ने कहा कि ब्यूरोकेट्स को सही को सही व गलत को गलत बताने व कहने की क्षमता होनी चाहिए। भारतीय प्रजातंत्र पूरे विश्व में एक मिसाल है। उन्होंने ''चेक एंड बेलेन्स'' पद्धति को उचित बताते हुए स्वार्थ व जातिवाद के आधार पर राजनीति करने वालों की कथनी व करनी में अन्तर बताया तथा चिन्ता जाहिर की।
उन्होंने कहा कि विकास के लिए सभी के सहयोग व चिन्तन की आवश्यकता है।
सेमीनार को संबोधित करते हुए सांसद श्री रासासिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रीय व मानवीय मूल्यों को स्थापित करते हुए समय के अनुसार नौकरशही को ढलने की आवश्यकता है। सामाजिक मूल्य के साथ-साथ सामाजिक ढांचे में भी परिवर्तन होता है।

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