रामसेतु के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगाने वालों को प्रभु श्रीराम सद्बुध्दि दें

छत्‍तीसगढ़ रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित रेल्वे कॉलोनी में आन्ध्रा सांस्कृतिक कला समिति द्वारा आयोजित रामनवमी महोत्सव में श्रध्दालुजनों को संबोधित किया। उन्‍होने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवनदर्शन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक है। रामसेतु हमारी आस्था का प्रतीक है। डॉ. सिंह ने कहा कि रामसेतू के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगाने वालों की बुध्दि पर मुझे तरस आता है। प्रभु श्रीराम से मेरी यह विनती है कि वे ऐसे लोगों को सद्बुध्दि दें। डॉ. सिंह ने कहा कि उत्तर हो या दक्षिण, पूरब हो या पश्चिम भाषाओं और रीति-रिवाजों में विभिन्नता के बावजूद भारत की सांस्कृतिक आत्मा एक है। भाषाओं और प्रान्तों की सीमाएं हमारी भारतीय संस्कृति की आस्था को तोड़ नही सकती।

महोत्सव में विशेष अतिथि के रूप में रायपुर नगर निगम के महापौर श्री सुनील सोनी और डोंगरगढ़ क्षेत्र के विधायक श्री विनोद खांडेकर उपस्थित थे। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री जी शंकर राव, उपाध्यक्ष श्री एन.एस. राव एवं सचिव श्री के.आर.के. शास्त्री ने मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से महोत्सव में नागरिकों को संबोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरह हमारे पड़ोसी राज्य आन्ध्रप्रदेश की कला-संस्कृति और वहां की सामाजिक-सांस्कृतिक परम्पराएं काफी समृध्द हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पीढ़ियों से निवास कर रहे आन्ध्र समाज के लोग अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक परम्पराओं को नहीं भूले हैं और उसी के अनुरूप आज यहां नवरात्रि तथा रामनवमी के अवसर पर समाज के लोगों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजापाठ किया गया। यह हमारे भारतीय संस्कार, हमारी संस्कृति और आस्था के अनुरूप है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि रामसेतु एवं भगवान श्रीराम के किसी भी प्रतीक चिन्ह को नही तोड़ा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने तिरूपति बालाजी में धर्मशाला स्थापित करने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए सभी से मिलजुलकर कार्य करने का आव्हान किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को रामनवमी की शुभकामनाएं दी। आयोजकों की ओर से मुख्यमंत्री को शाल श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण सहित महावीर हनुमान की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की और छत्तीसगढ़ तथा आन्ध्रप्रदेश सहित सम्पूर्ण भारत वर्ष की जनता की सुख-समृध्दि के लिए उनसे आशीर्वाद मांगा।

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