मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि किसानों की आर्थिक आजादी से ही देश में खुशहाली आएगी। किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनके खुशहाल होने पर ही गांवों और शहरों के साथ पूरा देश खुशहाल होगा। डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों की आर्थिक आजादी के लिए बीज स्वावलम्बन, जैविक खेती, रतनजोत आधारित जैविक ऊर्जा उत्पादन और प्राकृतिक जल संरक्षण जैसे उपायों को भी बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि खेती को अधिक लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने आज सवेरे यहां अपने निवास के सामने इस उद्देश्य से राज्य स्तरीय कृषक स्वावलम्बन यात्रा का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने किसानों के आराध्य देवता भगवान श्री बलराम की पूजा-अर्चना के साथ 'जय-जवान' 'जय-किसान' के नारों के उद्धोष के बीच 19 दिवसीय इस यात्रा का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लगभग 73 स्थानों से होकर किसानों के बीच अपने उद्देश्यों के अनुरूप जनजागरण करते हुए एक जून को रायपुर में सम्पन्न होगी।
मुख्यमंत्री ने यात्रा का शुभारंभ करते हुए कहा कि आधुनिक युग में किसानों की बेहतरी के लिए उन्हें आर्थिक दृष्टि से आत्म निर्भर बनाने के प्रयास गंभीरता से किए जाने चाहिए। किसानों की आर्थिक आत्म -निर्भरता से देश कृषि उत्पादन के मामले में और भी अधिक स्वावलम्बी बनेगा। राज्य शासन भी इस दिशा में पूरी सक्रियता से प्रयास कर रही है। किसानों को सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की सुविधा इसका एक बड़ा उदाहरण है। डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में किसानों की संस्थाओं द्वारा शासन को इसी तरह सहयोग दिया जाए तो निश्चित रूप से उसके बेहतर परिणाम मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने राज्य में किसानों की पहली सार्वजनिक कम्पनी एग्रीकॉन्स, एग्रोप्रेनर्स लिमिटेड रायपुर द्वारा कृषक स्वावलम्बन यात्रा के आयोजन को एक सराहनीय और स्वागत योग्य कदम बताया।
उल्लेखनीय है कि इस यात्रा का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम और छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सहयोग से किया गया है। शुभारंभ अवसर पर राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू, कृषि वैज्ञानिक और एग्रीकॉन्स, एग्रोप्रेनर्स लिमिटेड के प्रमुख डॉ. संकेत ठाकुर तथा बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री को कृषि वैज्ञानिक डॉ. ठाकुर ने यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों के एक समूह ने 19 दिनों की यह यात्रा आज 13 तारीख को ग्राम बाना स्थित बायोडीजल संयंत्र, ग्राम सोंठ और नवापारा तथा कल 14 मई को ग्राम अरण्ड (फिंगेश्वर), ग्राम रावन और बारूला होकर गरियाबंद आएगी। यात्रा गरियाबंद से 15 मई को कोसुमगुड़ा, रामपुर और काठीदादर होते हुए देवभोग पहुंचेगी और 16 मई को वहां आयोजित बीज मेले में शामिल होकर झरियाबाहरा होते हुए 17 मई को नगरी (जिला धमतरी) तथा केशकाल (जिला बस्तर) आएगी। वहां रात्रि मुकाम के बाद बस्तर जिले में 18 मई को ग्राम सोनारपाल, भनपुरी और बस्तर होते हुए यात्रा जिला मुख्यालय जगदलपुर पहुंचेगी। वहां से अगले दिन 19 मई को बस्तर जिले में ही ग्राम छापर भानपुरी, टाकरागुड़ा, चित्रकोट और रात्रि विश्राम के बाद चित्रकोट से 20 मई को बस्तर जिले में ही ग्राम रांनसरगीपाल, बड़ेमारेंगा तथा नैनमुर होकर यात्रा 21 मई को जगदलपुर होते हुए दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के ग्राम भानसी, गीदम, जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा होकर ग्राम दरभा होते हुए पुन: जगदलपुर (जिला बस्तर) पहुंचेगी। जगदलपुर में विश्राम के बाद अगले दिन 22 मई को यात्रा ग्राम लामकेर होकर दुर्ग जिले के बालोद, चरोटा, झलमला होते हुए 23 मई को ग्राम मतवारी पहुंचेगी। वहां से जिले के विभिन्न गांवों, कस्बों और शहरों से होकर यह यात्रा राज्य के अन्य जिलों में भी पहुंचेगी और आगामी एक जून को रायपुर में यात्रा का समापन होगा।
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