मिनी माता स्वावलम्बन योजना

छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जातियों के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित मिनी माता स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत एक लाख रुपए का ऋण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के जांजगीर-चाम्पा जिले में मिनी माता स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत अनुसूचित जातियों के 28 हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए कुल 15 लाख 64 हजार रूपए का ऋण उपलब्ध कराया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम को इस योजना के लिए वित्तीय आवंटन अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

योजना के अंतर्गत ऐसे व्यक्ति जिनके पास स्वयं का व्यावसायिक स्थल नहीं है, उन्हें स्वयं की भूमि पर दुकान निर्माण के लिए साठ हजार रूपए और व्यवसाय के लिए चालीस हजार रूपए की कार्यशील पूंजी उपलब्ध करायी जाती है। यदि हितग्राही 36 माह तक नियमित किश्त जमा करता है, तो उन्हें प्रदत्त ऋण की 75 प्रतिशत राशि की छूट प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान की जाती है। हितग्राही को स्वयं की भूमि पर या नगर निगम अथवा शासन से प्राप्त भूमि पर 10 फिट चौड़ी और 15 फीट लंबी दुकान का निर्माण करना होता है। हितग्राही से 4 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज लिया जाता है।

जांजगीर-चाम्पा जिले में मिनी माता स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत दस हितग्राहियों ग्राम ससहा निवासी श्री पन्नाराम, ग्राम हिर्री के श्री मेलूराम और श्री तेरसराम, ग्राम उरैहा के श्री विजय कुमार, मुरलीडीह के श्री शैलेन्द्र कुमार, सुखपाली के श्री रामकृष्ण और श्री गुहाराम, नैला के श्री संजय कुमार, छुहीपाली के श्री मन्नूराम और कुसमूल के श्री भूपेन्द्र कुमार को एक-एक लाख रूपए की ऋण सहायता और 18 हितग्राहियों की स्वयं की भूमि पर दुकान निर्माण के लिए प्रथम किश्त के रूप में तीस-तीस हजार रूपए की ऋण सहायता प्रदान की गयी है। जिन हितग्राहियों को तीस-तीस हजार रूपए की ऋण सहायता प्रदान की गई है। उनमें ग्राम मेंहदी के सर्वश्री मनोज कुमार, सालिकराम और योगेन्द्र कुमार, लालमाटी की कुमारी कीर्तन बाई, देवरघटा की श्रीमती सुमित्रा, नरैहा निवासी श्रीमती रंजीता बाई, मुड़पार की श्रीमती कांती देवी, सुलौनी की श्रीमती राजकुमारी, रनपोता गांव निवासी श्री रामेश्वर, बरभांठा के श्री अरूण कुमार, तिलई के श्री सनत कुमार, पचेड़ा के श्री बरसाईत कुमार, मुलमुला के श्री महेन्द्र कुमार , पामगढ़ के श्री संतोष, बघौद के श्री गिरौद बंजारे और श्री देवलाल, कुटराबोड़ के श्री राजेश कुमार और भोजराम भेड़ीकोना के श्री राजेश और अमरदास शामिल है।

यह योजना प्रदेश के दस जिलों रायपुर, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ में संचालित है। इस योजना का लाभ इन जिलों के निवासी अनुसूचित जातियों के ऐसे युवा ले सकते हैं। जो जिले के मूल निवासी हों, जिनकी आयु 18 वर्ष से कम और 45 वर्ष से अधिक नहीं हो और जिनके परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में चालीस हजार रुपए तथा शहरी क्षेत्र में पचपन हजार रुपए से अधिक नहीं हो। इस योजना में हायर सेकेंड्री तक शिक्षित बेरोजगार महिलाओं और नि:शक्तों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है।

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