निजी हितों और जन कल्याण के बीच संतुलन को समझने-समझाने के लिए भारतीय न्यायपालिका की महती जिम्मेदारी है । कॉपीराइट कानून को लागू करने में न्यायपालिका की भूमिका विषयक संगोष्ठी में यह बात सामने आई ।
प्रमुख वक्ता मानव संसाधन राज्यमंत्री श्रीमती डी. पुरंदेश्वरी ने कहा कि भारत में कॉपीराइट कानून को तब तक प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा सकता जब तक राज्य सरकारें प्रयास न करें । लगभग सभी राज्यों को केन्द्र सरकार ने इस बात के लिए प्रेरित किया है कि वे कॉपीराइट कानूनों को लागू करने के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाएं । इस संबंध में न्यायालयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है ।
ऐसे कई लोग हैं जो यह मानते हैं कि कॉपीराइट और बौध्दिक संपदा अधिकारों के मामलों के निपटारे के लिए विशेष न्यायालय होने चाहिएं। उम्मीद है कि इस तरह की संगोष्ठी में इस विषय कोई हल सामने आयेगा।
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