बाबा रामदेव मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा

राजस्‍थान जयपुर, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के प्रभारी संसदीय सचिव श्री भवानी सिंह राजावत ने कहा कि शासन में बैठे लोगों का सभी जाति वर्ग के प्रति समान नजरिया रखने से ही समाज में सामाजिक समरसता का वातावरण बनेगा।

श्री राजावत मंगलवार को कोटा के नान्ता में मेघवाल समाज की ओर से आयोजित बाबा रामदेव मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं 21 कुण्डीय यज्ञ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेघवाल समाज में धर्म के प्रति चेतना बढ़ रही है इसी का परिणाम है कि समाज की ओर से लगातार धार्मिक आयोजन किये जा रहे हैं। इन आयोजनों से जहां सामाजिक बुराईयां दूर होंगी वहीं समाज का नैतिक उत्थान भी होगा।

संसदीय सचिव ने अनुसूचित जाति वर्ग की सामाजिक अवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने पिछड़ों को समाज में बराबरी के स्तर पर लाने के लिए संविधान में व्यवस्था की लेकिन आजादी के बाद शासन में बैठे लोगों ने इस दिशा में गंभीर सार्थक प्रयास नहीं किये। उन्होंने कहा कि पिछड़ों को बराबरी के स्तर पर लाने के लिए उन्हें शिक्षित कर आर्थिक सम्बल देकर उनका नैतिक मनोबल बढाया जाना चाहिये था।

श्री राजावत ने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने इस दिशा में कदम बढ़ाकर जयपुर में देश की प्रथम अम्बेडकर पीठ की स्थापना की जो अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए शोध कर योजनाएं बनायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने ईमानदारी से प्रयास करते हुए एकलव्य योजना लागू की जिसके माध्यम से प्रदेश के अनुसूचित जाति के 2 लाख बच्चों को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही सरकार इन्हें बैंक ऋण दिलवाकर व्यवसाय खुलवाने में भी मदद करेगी। राज्य में अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए 100 नये छात्रावास बनाये जायेंगे। जयपुर में 5 करोड़ की लागत से एक विशाल छात्रावास बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 8 वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले छात्रा-छात्राओं को 1100 रूपये तथा 10 वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वालों को 2100 रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी।

संसदीय सचिव ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री भैरोंसिंह शेखावत ने राज्य में पहली बार पंचायतों में आरक्षण देकर अनुसूचित जाति के लोगों को पंच से लेकर जिला प्रमुख बनने का मार्ग प्रशस्त किया।
उन्होंने मेघवाल समाज के लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे आपसी विवादों को भुलकर एकता के सूत्रा में बंधे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्रा में सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध हैं यह जमाना कर्म करके इतिहास बनाने वालों का है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड पार्षद श्री सत्यप्रकाश शर्मा ने की। पूर्व पार्षद श्रीमती कमला मेघवाल ने कहा कि धार्मिक आयोजन हमें एकता के सूत्रा में पिरोते हैं। जिला परिषद सदस्य श्रीमती चन्द्रकांता मेघवाल ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्श अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।

इससे पूर्व नान्ता पहुंचने पर संसदीय सचिव श्री राजावत का मेघवाल समाज की ओर से भव्य स्वागत किया गया। बैण्ड बाजों के साथ घोड़ी पर बैठाकर जुलूस के रूप में समारोह स्थल तक ले जाया गया जहां उन्होंने मंदिर में नवस्थापित बाबा रामदेव की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा अर्चना की।

समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री भगवान दास मेघवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उपाध्यक्ष श्री बाबू लाल मेघवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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