आने वाले दो वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा हृदय रोग से पीड़ित नहीं होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां रायपुर के एस्कॉर्ट अस्पताल में मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि इसके लिए वृहद कार्ययोजना बनाई गई है। अगस्त के पहले सप्ताह से एक विशेष अभियान चलाकर विकासखण्ड स्तर पर हृदय रोग के संभावित बच्चों का प्रारंभिक जांच कर जिला अस्पताल में उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे आपरेशन योग्य बच्चों का पता चल जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से जितने बाल हृदय रोगियों का पता चलेगा, उन सभी का नि:शुल्क आपरेशन कराया जाएगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं राजस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री राजेश मूणत और संसदीय सचिव स्वास्थ्य श्री पूनम चन्द्राकर भी इस अवसर पर उपस्थित थे। एस्कॉर्ट अस्पताल में वर्तमान में छह बच्चे हृदय रोग के आपरेशन के लिए पंजीकृत हैं, इनमें से चांपा निवासी सात वर्षीय बालमुकुन्द का आपरेशन हो चुका है।
Chief Minister Child Heart Safety Scheme
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बच्चे हृदय रोग से मुक्त रहें, यह हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस योजना के तहत चार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। यदि बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए चालीस करोड़ रूपए खर्च होते हैं, तो भी हमें इसकी कोई चिंता नहीं है। प्रदेश के सभी बच्चे रोग मुक्त और खुशहाल रहें यही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत हृदय रोग के आपरेशन के लिए पांच से पन्द्रह वर्ष की आयु सीमा रखी गई है, लेकिन पांच से कम आयु वर्ग के बच्चों के हृदय रोग के आपरेशन की व्यवस्था की जाएगी। यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ में नहीं हो पाती है, देश के अन्य बड़े अस्पतालों में आपरेशन की व्यवस्था सरकारी खर्चे पर की जाएगी। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि छोटे बच्चों के जीवन को खुशहाल बनाना पुण्य का कार्य है, इसे पूरी संवदेनशीलता से करें।
राजस्व एवं पयर्टन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के सभी हृदय रोगी बच्चों के नि:शुल्क आपरेशन कराने का बीड़ा उठाया है, इससे बड़ी संवेदनशीलता का और कोई उदाहरण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों को बच्चों के हृदय के आपरेशन की जिम्मेदारी दी गई है, वे इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से करें। प्रक्रियागत कारणों से किसी बच्चे के आपरेशन में विलम्ब नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कार्यक्रम के पश्चात अस्पताल में आपरेशन के लिए पंजीकृत हृदयरोग से पीड़ित बच्चों से मुलाकात की। इस अस्पताल में वर्तमान में छह बच्चे मास्टर नियाज हुसैन, रायपुर, आयु दो वर्ष, मास्टर गोविंद आयु पांच वर्ष ग्राम सिरगी, मास्टर चन्द्रशेखर भिलाई आयु पन्द्रह वर्ष, मास्टर बालमुकुंद चांपा आयु सात वर्ष, बेबी जया धमतरी आयु पांच वर्ष और मास्टर सोहन ठेठवार रायगढ़ आयु पांच वर्ष आपरेशन के लिए पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को अपनी शुभकामनाएं दी। समारोह को एस्कॉर्ट अस्पताल के संचालक डॉ. दिलीप रत्नानी, डॉ. अनिल वर्मा और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री अजय पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य श्री आर.एस. विश्वकर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एस्कार्ट अस्पताल के चिकित्सक, भर्ती मरीज बच्चों के अभिभावकगण उपस्थित थे। - रायपुर, 28 जुलाई 2008 -
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