राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना के अनुसार सभी 13000 जिला और अधीनस्थ न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण के लिए तैयार की गई एक स्कीम को, जिसका कार्यान्वयन अभिकरण राष्ट्रीय सूचना केन्द्र (एनआईसी) है, सरकार द्वारा 8 फरवरी, 2007 को अनुमोदित किया गया है । इस परियोजना के अंतर्गत सभी जिला और अधीनस्थ न्यायालयों को सूचना और संचार प्रौद्योगकी समर्थ बनाना तथा उच्चतम न्यायालय और सभी उच्च न्यायालयों को सभी आईसीटी अवसंरचना को प्रोन्नत करना है ।
विधि और न्याय मंत्री, श्री हंसराज भारद्वाज ने बताया कि इस परियोजना को 5 वर्षों की अवधि में तीन चरणों में कार्यान्वित किया जाता है । प्रथम श्रेणी, जो कार्यान्वयनाधीन है, को दो वर्षों में पूरा किया जाना तय है ।
परियोजना के प्रथम चरण को 442 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से सभी राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों में कार्यान्वित किया जा रहा है ।
देश के सभी निचले न्यायालयों को, जिनके अंतर्गत छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश राज्यों के न्यायालय भी हैं, प्रथम चरण में कंप्यूटरीकरण के लिए लिया गया है ।
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