गुणवत्तायुक्त जनसेवाओं, जन सामान्य केन्द्रित कुशल व प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए डूंगरपुर जिला कलेक्ट्रेट को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का आईएसओ 9001:2000 प्रमाण पत्र प्राप्तकर्त्ता घोषित किया गया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री भवानी जोशी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट को जारी आईएएसओ प्रमाण पत्र का विमोचन कर यह उद्धोषणा की। अब डूंगरपुर कलेक्ट्रेट आईएसओ प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला देश में जनजाति अंचल का प्रथम कलेक्ट्रेट बन गया है।
श्री जोशी ने आईएसओ प्रमाण पत्र का विमोचन किया और कलेक्ट्रेट को आईएसओ प्रमाणीकरण की घोषणा करते हुए श्री जोशी ने कहा कि राज्य सरकार की मंशाओं के अनुरूप जिला प्रशासन जनसामान्य के हितार्थ प्रभावी सेवाएं प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकार द्वारा लागू की गई समस्त प्रकार की योजनाओं का पात्र लोगों को पूरा-पूरा लाभ प्राप्त हो।
उन्होंने जनजाति अंचल में निर्धन व गरीब वर्ग के लोगों की समस्याओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रयास करने के निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने को कहा कि औपचारिकताओं के कारण कोई भी आमजन पीड़ित न हो। उन्होने प्रशासन को नर सेवा, नारायण सेवा के आदर्श को अंगीकृत करते हुए अपनी सेवा प्रदाता की भूमिका अदा करने का आह्वान किया। राज्यमंत्री ने जिला कलेक्ट्रेट को आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने के प्रसंग को पूरे जिले का गौरव बताया और इसके लिए जिला कलक्टर समेत पूरे प्रशासन को बधाई दी।
जिला कलक्टर श्री नीरज के. पवन ने आईएसओ प्रमाण पत्र के विभिन्न मानदण्डों के बारे में बताते हुए कहा कि कलेक्ट्रेट द्वारा जन सामान्य केन्द्रित कुशल व प्रभावी सेवाएं प्रदान करने के साथ ही जनसमस्याओं के त्वरित व प्र्रभावी निस्तारण के प्रयास किए जा रहे है।
उन्होंने आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने के पीछे टीम डूंगरपुर के प्रयासों की जानकारी दी और कहा कि समन्वित प्रयासों से ही यह उपलब्धि प्राप्त करना संभव हो पाया है। इससे पहले श्री जोशी ने प्रमाण पत्र का विमोचन किया और कलेक्ट्रेट को आईएसओ प्रमाण पत्रा प्राप्तकर्त्ता होने की उद्धोषणा की। इस मौके पर समाजसेवी सर्वश्री गजेन्द्रसिंह चौहान, प्रभु पण्डया, सुरेश फलोजिया, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यप्रकाश, उपखण्ड अधिकारी रामचंद्र खराड़ी व हनुमानसहाय मीणा, केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक लोकेश गांधी सहित कलेक्ट्रेट के सभी प्रभागों के प्रभारी अधिकारी-कर्मचारी व मीडियाकर्मी मौजूद थे।
कैसे मिला आईएसओ प्रमाण पत्र How was the ISO certification got?
आईएसओ प्रमाणीकरण के लिए ऑडिट Audit करने के अन्तर्राष्ट्रीय संस्था Internatinal Institution के ऑडिटर श्री पवन मालवीय और आईएसओ कन्सल्टेंट ISO Consultant श्री कैलाश शर्मा ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न प्रभागों का गहन अंकेक्षण किया था। उन्होने कलेक्ट्रेट के निजी सहायक अनुभाग, सामान्य, सहायता, पुल, कार्यालय अधीक्षक, न्याय, लेखा, केशियर, स्टोर, संस्थापन, रीडर, राजस्व, सतर्कता, भू-अभिलेख, पीटीएस, लोक अभियोजक, आवक-जावक, विकास शाखा सहित हैल्प डेस्क और रसद कार्यालय का निरीक्षण किया।
आईएसओ प्रमाण पत्र की अनुशंसा के लिए ऑडिटर द्वारा कलेक्ट्रेट को पूर्व निर्धारित गुणवत्ता नीति व लक्ष्यों की कसौटी पर परखा गया और इसे आईएसओ के मानकों के अनुरूप पाया। कलेक्ट्रेट को मैत्रीपूर्ण सूचना परक व श्रेष्ठ परिणाम प्रदत्ता प्रशासन, जन सामान्य केन्द्रित कुशल व प्रभावी सेवा, मानवीय व तकनीकी संसाधनों के विकास व उन्नयन तथा प्रदान की जाने वाली सेवाओं व गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता में सुधार करते हुए जन आधारित सेवाएं प्रदान करने एवं अपनी नीति पर श्रेष्ठ पाने पर ही यह प्रमाण पत्रा प्रदान किया गया।
the ISO 9001:2000 certificate has been awarded to the Dungarpur Collectorate, Rajasthan belonging to Tribal Area. It is in recognition of quality services and People Oriented working. Dungarpur is he first tribal area ISO Collecorate in India.
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