हिमाचल प्रदेश ऊना जिले के गगरेट में नाबार्ड द्वारा वित पोषित महत्वाकांक्षी स्वां नदी तटीयकरण चरण दो की आधारशिला मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल ने रखी। 1400 वर्ग कि.मी. कैचमेंट की स्वां नदी कुल 85 कि.मी. लंबी है जिसका 65 कि.मी. हिमाचल प्रदेश में है। बाकी का हिस्सा पंजाब में है जहां यह सतलुज नदी को मिलती है। इसमें 73 सहायक नदियां आकर मिलती हैं। हिमाचल प्रदेश की स्वां नदी प्रबन्धन एवं समन्वित भूमि विकास परियोजना के दूसरे चरण पर 23552 क़रोड़ रूपये की लागत आने का अनुमान है तथा नदी के गगरेट पुल तथा झलेड़ा पुल के मध्य के क्षेत्र का तटीयकरण व प्रबन्धन कार्य किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में वर्षा के दौरान उपजाऊ भूमि के भू-कटाव को रोक कर भू-संरक्षण में सहायता मिलेगी। इसमें पाचं हजार हेक्टेयर क्षेत्र को कृषि, बागवानी तथा सम्बन्ध गतिविधियों के लिए तैयार किया जाएगा। इस परियोजना को केन्द्रीय जल आयोग तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है और इसके द्वितीय चरण के निर्माण को शुरू करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 6550 क़रोड़ रूपये खर्च कर स्वां नदी तटीयकरण प्रथम चरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिससे स्वां नदी के तटों के नजदीक रहने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना के पहले चरण का कार्य सफलतापूर्वक कार्यान्वित हो जाने से 1955 हेक्टेयर भूमि को मार्च, 2008 तक कृषि योग्य बनाया जा चुका है, हालांकि परियोजना के तहत समस्त 2260 हेक्टेयर भूमि को जून, 2008 तक पूर्ण रूप से कृषि योग्य बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र के किसानों को इस भूमि पर खेती करने का अवसर भी मिलेगा।
प्रो धूमल ने कहा कि सरकार के कारगर प्रयासों के परिणामस्वरूप ही 'दु:खों की नदी' के नाम से विख्यात स्वां नदी को 'खुशहाल एवं समृद्ध' नदी के रूप में तबदील किया जा सका है और इसके तटो पर विकसित कृषि योग्य भूमि पर बड़ी मात्रा में गैर मौसमी सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों की आर्थिकी में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है और जिला से हर रोज बड़ी मात्रा में सब्जियों को अन्य मण्डियों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वां नदी तटीयकरण के दूसरे चरण के पूरा हो जाने से जिला में लोगों को स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना का कार्य निर्धारित अवधि के भीतर पूरा किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना के कार्य में धन की कमी आड़े नहीं आएगी।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री श्री रविन्द्र रवि ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि परियोजना का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर किया जाएगा ताकि इसे निर्धारित अवधि से पूर्व ही पूरा किया जा सके ।
इस अवसर पर विधायकगण सर्वश्री वीरेन्द्र कंवर, सतपाल सत्ती, बलवीर सिंह, पूर्व विधायक श्री प्रवीण शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष श्री बलबीर बग्गा, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मोहिन्द्र पाण्डेय सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा क्षेत्र के प्रमुख एवं गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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