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चिप्स के श्री ए.एम.परियल और बस्तर आई.जी. श्री आर.के.विज् ई-गवर्नेस चैम्पियन अवार्ड-2008 से सम्मानित.
छत्तीसगढ़ को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक और सम्मान प्राप्त हुआ है। चिप्स के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.एम.परियल तथा बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक श्री आर.के.विज् को ई-गवर्नेंस चैम्पियन अवार्ड-2008 से सम्मानित किया गया। मुम्बई के होटल ताज में आज आयोजित समारोह एक समारोह में भारत के मुख्य सूचना आयुक्त श्री वजाहद हबीबउल्ला ने श्री एम.ए.परियल और श्री आर.के.विज को ई-गवर्नेस चैम्पियन अवार्ड प्रदान किया। यह पुरस्कार भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ध्दारा दिया गया। इस अवसर पर श्री वजाहद हबीबउल्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में किये गये कार्य प्रषंसनीय है। राज्य ने नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में जो पहल की है, वह पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों के लिए सबक है।
''ई-गवर्नेंस चैम्पियन अवार्ड'' देश के विभिन्न भागों में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में कार्य कर रहे व्यक्तियों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए दिया जाता है। यह अवार्ड देश के चारों क्षेत्र, पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण तथा केन्द्र शासित प्रदेशों को ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दिया जाता है। श्री ए.एम.परियल और श्री आर.के.विज को यह अवार्ड डाटा क्वेस्ट पत्रिका द्वारा पश्चिमी क्षेत्र के लिए दिया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश,गुजरात, राजस्थान, गोवा, दमन द्वीप, पणजी एवं महाराष्ट्र राज्य सम्मिलित हैं।


उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2006 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को ''आई.टी. रत्न विजिनरी 2006 अवार्ड'' से सम्मानित किया गया, इसके साथ ही प्रदेश को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पुरस्कार तथा सम्मान मिलने का सिलसिला शुरू हो गया, जो अब तक जारी है। इसके बाद चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन कुमार सिंह को ई-गवर्नेन्स चैम्पियन अवार्ड 2007 प्राप्त हुआ। मार्च 2006 में चॉइस परियोजना को अन्तराष्ट्रीय स्कॉच चैलेन्जर अवार्ड 2007 से सम्मानित किया गया। राज्य को संयुक्त राष्ट्र के पुरस्कार से भी नवाजा गया है। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा दिसम्बर 2005 में लोकार्पित राज्य के पहले मानव विकास प्रतिवेदन को यू एन डी पी द्वारा वर्ष 2007 के लिए सहभागिता एवं क्षमता विकास की श्रेणी में सर्वोच्च पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जून 2007 में प्रदान किया गया। राज्य में आई. टी. उद्योगों के लिए अधोसंरचना तैयार करने में श्री ए.एम.परियल का उल्लेखनीय योगदान रहा है।
देश में ओपन सोर्स पर तैयार की गई सबसे बड़ी ई-गवर्नेंन्स परियोजना ''चॉइस'' का रायपुर नगर निगम सीमा में सफल क्रियान्वयन के बाद अब 5 जिलों में इसका विस्तार किया जा रहा है। राज्य में 800 से अधिक ग्राम पंचायतों में सिम्प्यूटर आधारित ई-ग्राम सुराज योजना प्रारंभ की गई तथा इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर तथा बिलासपुर में ई-क्लास रूम प्रारंभ किये गये हैं। इसके अलावा शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रायपुर, शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव, शासकीय पी.जी. महाविद्यालय कुरुद, शासकीय पी.जी. महाविद्यालय कबीरधाम में भी शीघ्र ई-क्लास रूम प्रारंभ किये जा रहे हैं। राज्य के समस्त जिलों को वीडियो कांफ्रेंन्सिंग से जोड़कर इसका विस्तार तहसील स्तर पर करने की पहल की गई है। राज्य की 98 तहसीलाें और 16 जिला मुख्यालयों में नागरिकों को कम्प्यूटर से खसरा एवं बी-1 की नकल उपलब्ध कराई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम 37 लेयर्स पर आधारित भौगोलिक सूचना प्रणाली का क्रियान्वयन किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामीणों को कम्प्यूटर से कहीं भी-कभी भी जमीन का नक्शा उपलब्ध कराया जा सकेगा। नये रायपुर में आई टी एस ई जेड स्थापित करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही युवा बेरोजगारों को आई. टी. उद्योगों में कार्य करने के लिए प्रशिक्षण देने हेतु सूचना सामर्थ्य योजना प्रारंभ की है। साथ ही ई-प्रोक्योरमेंट जैसी महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन चिप्स द्वारा किया जा रहा है। राज्य में आई. टी. की अधोसंरचना तैयार करने के लिए 148 करोड़ रुपये की स्टेटवाईड एरिया नेटवर्क और सामान्य सेवा केन्द्र की स्थापना करने में चिप्स की सक्रिय भूमिका रही है। चिप्स ने मेडिकल कॉलेज में एम.एस.सी. बॉयोमेडिकल विषय एवं अनुवांषिक रोगों के निदान के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति संस्थान प्रारंभ किया है।
इस सम्मान समारोह के जूरी के सदस्य राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द. के पूर्व निदेशक श्री विद्यादित्य, साईबर क्राईम विशेषज्ञ श्री पवन दुग्गल, आई.आई.टी. चिन्नई के प्रो. झुनझुनवाला विशेष रूप से उपस्थित थे।
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