प्रदेश के राज्यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्हन ने कहा है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को आचरण में उतारने की आवश्यकता है। महात्मा गांधी द्वारा स्थापित अहिंसा और सत्य के संदेश सर्वकालिक एवं प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि बापू एक ऐसे महापुरूष थे, जिन्होंने मानव के प्रति अपनी आस्था सांसारिक विषयों के साथ आध्यात्मिक मूल्यों और तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
अन्तर्राष्ट्रीय शांति दिवस एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी का मानना था कि सत्य और अहिंसा को केवल व्यक्ति द्वारा अपने जीवन और आचरण में ही नहीं उतारा जाना चाहिए, बल्कि विभिन्न समूहों, समुदायों, समाजों और दुनिया के अलग-अलग देशों के आचरण की वस्तु बनायी जानी चाहिए। श्री नरसिम्हन ने कहा कि ध्यान और आध्यात्म के बजाय कर्म के सिध्दांत पर विशेष जोर देने वाले महात्मा गांधी के विचारों को आज युवाओं द्वारा आव्हान मंत्र के रूप में स्वीकार करने की जरूरत है। उन्होंने विश्वास प्रकट करते हुए कहा कि दीन-दुखियों और गरीबों की सेवा करने वाले महात्मा गांधी के कार्यों और विचारों को समाज द्वारा सदैव आत्मसात किया जाएगा।
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