''इंटरनेशनल ओपन सोर्स फोरम'' ने ओपन सोर्स की सबसे बड़ी ई-गवर्नेंस परियोजना को पुरस्कृत किया

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सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने देश में एक बार फिर अपना परचम लहराया है। राज्य की ई-गवर्नेंस परियोजना 'चॉईस' को ''इंटरनेशनल ओपन सोर्स फोरम'' ने देश की अनेक परियोजनाओं में से सर्वश्रेष्ठ मानते हुए पुरस्कृत किया है। ''द वर्ल्ड इज ओपन'' श्रेणी का यह पुरस्कार इंडिया हेबिटेट सेंटर, नईदिल्ली में चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन सिंह को आई. टी. समूह रेड हट के एशिया-पैसेफिक क्षेत्र के प्रमुख श्री गैरी मेसर ने प्रदान किया। इस कार्यक्रम में आई.टी. से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद थे।

पुरस्कार प्राप्त करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विशेष सचिव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी चिप्स ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व का परिणाम है कि हम सफलतापूर्वक ओपन सोर्स पर इस परियोजना को तैयार कर सके हैं तथा उन्हीं के मार्गदर्शन में इसे सुदूर ग्रामीण अंचलों तक विस्तार किया जा रहा है।

ज्ञातव्य है कि ''इंटरनेशनल ओपन सोर्स फोरम'' ने देश में ओपन सोर्स आधारित ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के लिए यह पुरस्कार घोषित किये हैं। इस समूह का यह मानना है कि संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में नागरिकों के लिए सेवाओं की वितरण प्रणाली सशक्त होनी चाहिये ताकि नागरिकों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। इस फोरम का यह भी मानना है कि नेशनल ई-गवर्नेंस परियोजना के अंतर्गत भारत सरकार ने राज्य सरकारों एवं केन्द्रीय विभागों के लिए अनेक मिशन मोड परियोजनाएं संचालित कर रखी है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकार की सेवाओं से सशक्त करना है। इन पुरस्कारों के प्रवर्तक विश्व स्तरीय ओपन सोर्स समूह रेड हट है, जो विश्व में नि:शुल्क ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने के लिए प्रसिध्द है। इन पुरस्कारों हेतु फोरम ने ई-गवर्नेंस, बैंकिंग, वित्तीय सेवा क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अधोसंरचना क्षेत्र में कार्यरत संस्थानों से नामांकन चाहे गये थे, जिसमें छत्तीसगढ़, गोवा, उत्तराखण्ड, केरल, कर्नाटक, गुजरात एवं अनेक केन्द्रीय मंत्रालयों एवं संस्थानों से कुल 163 नामांकन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 85 नामांकन सरकारी क्षेत्र से थे। इनमें से 39 को अंतिम रुप से विचार हेतु चयनित किया गया था। जूरी सदस्यों ने विभिन्न श्रेणियों में परियोजनाओं का चयन किया, जिसमें से ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में नागरिकों को सशक्त करने के लिए सर्वाधिक प्रभावकारी परियोजना के रूप में छत्तीसगढ़ की चॉईस परियोजना को पुरस्कृत किया गया। इस पुरस्कार की जूरी के रुप में आई.टी.आई. मुम्बई के प्रो. डॉ डी. बी. पाठक, रेड हट भारत के अध्यक्ष श्री नंदू प्रधान और आई.टी. जगत में प्रसिध्द व्यक्ति के. नूरजहाँन और डॉ विजयादित्य थे। जूरी का यह विचार था कि चॉइस परियोजना ओपन सोर्स पर है तथा इसके टूल्स में परियोजना के विस्तार की अपार संभावनाएं है। ओपन सोर्स पर होने के कारण जब भी इसका विस्तार किया जायेगा कास्ट बेनिफीट भी राज्य सरकार को प्राप्त होगा।

यह पुरस्कार ओपन सोर्स के लिए चॉइस परियोजना को दिया गया है। यह विदित है कि चॉइस परियोजना देश की सबसे बड़ी ओपन सोर्स ई-गवर्नेंस परियोजना है जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिकों को सरकार की सेवाओं एवं प्रमाण पत्रों की प्रदायगी की जाती है तथा सरकार द्वारा बिजली बिल जैसे भुगतानों को प्राप्त किया जाता है। यह परियोजना रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 25 चॉइस केन्द्रों के माध्यम से संचालित है जिससे अभी तक एक लाख 36 हजार से अधिक नागरिकों को प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 80 लाख रूपए से अधिक के बिजली बिलों का भुगतान प्राप्त किया जा चुका है। इस योजना की सफलता को देखते हुए इस योजना का विस्तार पांच जिलों में किया जा रहा है। इस परियोजना का लाभ प्रदेश के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण चॉइस परियोजना पर चिप्स ने कार्य करना प्रारंभ किया है और ग्रामीण चॉइस परियोजना अंतर्गत राज्य में 3380 सामान्य सेवा केन्द्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इससे चॉइस परियोजना का विस्तार ग्रामीण इलाकों तक हो सकेगा। यह परियोजना ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर पर बनायी गयी है। इस परियोजना में नि:शुल्क सॉफ्टवेयर एवं ऑपरेटिंग सिस्टम होने से विस्तार पर होने वाले खर्च में बहुत कमी होगी। इसका सीधा लाभ राज्य के उन नवयुवकों का होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं।

यह विदित है कि राष्ट्रीय ज्ञान आयोग द्वारा चॉइस परियोजना की प्रशंसा की गई है तथा इसे देश के समस्त जिलों में लागू करने हेतु भारत सरकार को सिफारिश की है। भारत के केबिनेट सचिव द्वारा इस परियोजना की प्रशंसा करते हुए देश के समस्त राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को अपने प्रदेश में लागू करने हेतु निर्देश जारी किए हैं। कर्नाटक, गुजरात, आन्ध्रप्रदेश सहित अनेक राज्यों के दलों ने इस परियोजना का अवलोकन कर प्रशंसा की है। इण्डिया हैबिटेट सेंटर के इस रंगारंग समारोह में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास सचिव श्री आर. पी. मंडल एवं संचालक पंचायत श्री पी.पी. सोती भी उपस्थित थे।

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